March 21, 2026

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स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश को देश में 7वां स्थान, मिले 20 पुरस्कार


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  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई स्वच्छ भारत मिशन अर्बन की राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति की 8वीं बैठक, लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय
  • स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में 20 नगर निकाय पुरस्कृत

KC NEWS। लखनऊ में गुरुवार को मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित स्वच्छ भारत मिशन अर्बन की राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति की 8वीं बैठक में नवसृजित 56 निकायों और विस्तारित हुए क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप परियोजनाओं की स्वीकृति हेतु वित्त पोषण किये जाने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त माननीय एनजीटी के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश के निकायों में विद्यमान लगभग 80 लाख टन लिगेसी वेस्ट के निस्तारण हेतु क्रियान्वित की जाने वाली परियोजनाओं का योजनान्तर्गत करीब 400 करोड़ वित्त पोषण सम्बन्धी प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 98 निकायों में 1200 केएलडी के एफएसटीपी प्लांट अधिष्ठापित कराये जाने सम्बन्धी करीब 120 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भी भारत सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। स्वच्छ भारत मिशन अर्बन की प्रगति की जानकारी देते हुये बताया गया कि व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लक्ष्य 891052 को पूरा कर लिया गया है। कम्युनिटी टाॅयलेट निर्माण के 30781 लक्ष्य के सापेक्ष 34032, पब्लिक टाॅयलेट के लक्ष्य 32670 के सापेक्ष 31351 प्रगति हासिल हो चुकी है। सभी 652 नागर निकाय ओडीएफ घोषित किये जा चुके हैं। प्रतिबंधित प्लास्टिक 731.59 टन जब्त की गई है तथा धनराशि रु0 10.95 करोड़ का जुर्माना किया गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में 20 नगर निकायों को पुरस्कृत किया गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में इस वर्ष प्रदेश को पूरे देश में सातवां स्थान व 20 पुरस्कार प्राप्त हुये हैं। बैठक में सभी सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

प्रदेश में 37 नागर निकायों को प्रोसेसिंग फैसिलिटी निर्माण के लिए 153.50 करोड़ रुपए की प्रथम किश्त आवंटित

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इससे पूर्व सचिव नगर विकास अनुराग यादव ने समिति की पिछली बैठक में लिये गये निर्णयों के अनुपालन की आख्या प्रस्तुत करते हुये बताया कि प्रदेश की प्रत्येक नगर नागर निकाय को अपने क्षेत्र में एक एमआरएफ के निर्माण के लिये धनराशि  33.67 लाख रुपए, इस प्रकार प्रदेश के समस्त नागर निकायों को इस मद में कुल धनराशि 219.52 करोड़ रुपए अवमुक्त किये गये। निकायों में प्राथमिक एवं द्वितीयक संग्रहण के लिये उपलब्ध संसाधनों में गैप एनालिसिस करते हुये आवश्यकतानुसार प्राथमिक एवं द्वितीयक संग्रहण के लिये धनराशि रु0 238.71 करोड़ अवमुक्त की गई। इसके अलावा प्रदेश में 37 नागर निकायों को प्रोसेसिंग फैसिलिटी के निर्माण के लिये धनराशि रु0 153.50 करोड़ प्रथम किश्त एवं नगर निगम आगरा को लिगेसी वेस्ट के लिये धनराशि रु0 8.20 करोड़ प्रथम किश्त एवं प्रोसेसिंग सुविधा के लिये धनराशि रु0 3.52 करोड़ प्रथम किश्त भी अवमुक्त किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन अर्बन के अंतर्गत धन की उपलब्धता एवं उपभोग के बारे में बताया गया कि मिशन के अंतर्गत विभिन्न कम्पोनेन्ट्स में कुल रु0 2580.5381 करोड़ प्राप्त हुये, जिसके सापेक्ष रु0 2121.9322 करोड़ नागर निकायों को अवमुक्त किये गये और नागर निकायों से रु0 1078.1189 करोड़ के उपभोग प्रमाण पत्र प्राप्त हो गये हैं।

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