डीएम ने जिम्मेदार अफसरों की दी हिदायत, कहा- किसी भी दशा में छात्रवृत्ति योजना में गड़बड़ी न हो
- भारत सरकार द्वारा संचालित नेशनल स्कालरशीप पोर्टल पर प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक मेरिट कम-मीन्स छात्रवृत्ति वर्ष 2020-21 के क्रियान्वयन हेतु दिशा निर्देश जारी
KC NEWS। यूपी के जनपद देवरिया डीएम अमित किशोर ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित नेशनल स्कालरशीप पोर्टल पर प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक मेरिट कम-मीन्स छात्रवृत्ति वर्ष 2020-21 के क्रियान्वयन हेतु दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस पोर्टल पर स्टैन्डर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर के अन्तर्गत पोर्टल के इस्टीटयूट नोडल अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसकी भी हिदायत जिम्मेदार अफसरों काे दी गई है।
हाॅस्टल के छात्र/छात्राओं को सुविधा तभी, जब संस्थाओं में हास्टल की सम्पूर्ण व्यवस्था लागू हो
उन्होंने बताया कि इस्टीटयूट नोडल अधिकारी स्तर-1 के सत्यापन का उत्तरदायित्व होगा कि ऑनलाइन आवेदन पत्रों के साथ आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति, बोनाफाइड सर्टिफिकेट, बैंक पासबुक की छायाप्रति संलग्न कर सुरक्षित करेगें। सत्यापित हार्डकाॅपी को विद्यालय के प्रधानाचार्य भी प्रमाणित करेगें। प्रमाणित सूची एवं आवेदन की हार्डकापी जनपदीय नोडल अधिकारी के सम्मुख प्रस्तुत की जायेगी। ऑनलाइन आवेदनों को नवीन एवं नवीनीकरण श्रेणी की हार्डकापी अलग-अलग करते हुए 5 वर्षों तक अपने विद्यालयों में सुरक्षित रखगें और इस्टीटयूट नोडल अधिकारी की गतिविधियों के प्रभावी प्रर्यर्वेक्षण के लिये संस्था के प्रधाचार्य/प्रबंधक को उत्तदरदायी बनाया गया है। पोर्टल के माध्यम से पहचान कर संदिग्ध आवेदनों को पुनः सत्यापन के लिये वापस किया जायेगा। हाॅस्टल के छात्र/छात्राओं को हास्टल की सुविधा तभी प्रदान की जाये, जब संस्थाओं में हास्टल की सम्पूर्ण व्यवस्था लागू हो। छात्रों द्वारा किये गये ऑनलाइन आवेदनों को इस्टीटयूट नोडल अधिकारी द्वारा संस्था के मूल अभिलेखों से पूर्णतः मिलान करने के बाद ही स्तर-1 से अग्रसारित किया जायेगा। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

प्रधानाचार्य/ इस्टीटयूट नोडल अफसर अपनी लाॅगिन आईडी से अग्रसारित करेगें आवेदन : डीएम
डीएम ने बताया कि प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक मेरिट कम- मीन्स छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत पोर्टल पर ऑनलाइन किये जाने वाले छात्र/छात्राओं के आवेदन पत्रों को प्रधानाचार्य/ इस्टीटयूट नोडल अधिकारी अपनी लाॅगिन आईडी पासवर्ड से अग्रसारित करेगें। पासवर्ड की सुरक्षा के दृष्टिगत अपना पासवर्ड नियमित अन्तराल पर बदलना और आनलाइन आवेदनों को अपनी उपस्थिति में ही अपनी लाॅगिन से अग्रसारित करना सुनिश्चित करेगें। अल्पसंख्यक विभाग द्वारा भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित अल्पसंख्यक वर्ग ‘‘मुस्लिम, सिक्ख, ईसाइ, पारसी, जैन व बौद्ध’’ की छात्रवृत्तियों का क्रियान्वयन होता है। ऐसी दशा में एकल छात्रवृत्ति योजना के तहत यह सुनिश्चित कर लें कि छात्र/छात्रा का किसी एक (भारत सरकार अथवा राज्य सरकार) का छात्रवृत्ति आवेनदन ऑनलाइन किये जाने के दौरान त्रुटिवश दोनों योजनाओं आवेदन ऑनलाइन हो जाता है तो ऐसी दशा में किसी एक योजना के आवेदन को अपनी लाॅगिन से निरस्त करते हुए जाॅचोपरान्त एक आवेदन को अग्रसारित करेगें।
एक अभिभावक के दो बच्चों को ही छात्रवृत्ति मान्य
छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत एक अभिभावक के दो बच्चों को ही छात्रवृत्ति अनुमन्य है। यदि दो से अधिक छात्रों के छात्रवृत्ति आवेदन ऑनलाइन किये जाते है, तो शिक्षण संस्था/मदरसे स्वयं जिम्मेदार होगें। छात्र-छात्राओं के सीबीएस खातें ही संचालित हो व उसे विधिवत संचालित रखा जाये और उसे आधार कार्ड से लिंक कराया जाना अनिवार्य है। इस्टीटयूट नोडल अधिकारी इस बात पर भी ध्यान रखेगें कि संस्था द्वारा ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र/छात्राओं के आवेदन अग्रसारित किये जाये और उसके साथ आवश्यक प्रमाण पत्रों की छायाप्रति सभी संलग्नकों के साथ उसे उपलब्ध करना सुनिश्चित करेंगे। डीएम ने समस्त अनुदानित व मान्यता प्राप्त मदरसा/विद्यालय /शिक्षण संस्थाओं के प्रधानाचार्य/ इस्टीटयूट नोडल अधिकारियों को यह निर्देशित किया है कि भारत सरकार की छात्रवृत्तियों के ऑनलाइन आवेदनों को अपनी लाॅगिन आईडी से अग्रसारित करने से पूर्व उपरोक्त दिशा निर्देशों के अनुरुप कार्यवाही करना सुनिश्चित करें, ताकि इस योजना का दुरुपयोग न हो। साथ ही उन्होने आगाह करते हुए कहा है कि यदि कोई अनियमितता प्रकाश में आयेगी तो इसके लिये आप स्वयं उत्तरदायी होगें।
