February 6, 2026

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सपा संरक्षक मुलायम सिंह का देवरिया से था गहरा नाता, धरती पुत्र ने पूर्वांचल में पहली सभा भटनी रेलवे स्टेशन पर की थी

देवरिया (यूपी)। सपा संरक्षक व पूर्व मुख्यमंत्री धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव का देवरिया से भी गहरा नाता रहा है। मुलायम सिंह यादव के पूर्वांचल में आने की शुरुआत देवरिया से ही हुई थी और इस इलाके में उनकी पहली सभा भटनी में हुई थी। 1978 में सहकारिता मंत्री रहते हुए उन्होंने भटनी रेलवे स्टेशन पर सभा को सम्बोधित किया था।

जानकार बताते हैं कि नेताजी बात के पक्के थे। वे दोस्तों के दोस्त भी माने जाते थे और दोस्ती का फर्ज भी निभाते थे। नेता जी समाजवादी चिंतक मोहन सिंह की मृत्यु की खबर पर उनके पैतृक गांव बरहज पहुंचे थे, वहां उन्होंने मोहन सिंह को कंधा देकर उनकी अंतिम विदाई की थी और दोस्ती का फर्ज निभाया था।

कई समाजवादियों से उनके निजी ताल्लुकात थे। समाजवादियों के संघर्ष में भी वे उनके साथ खड़े रहे। ऐसे ही एक मौके पर मुलायम सिंह यादव को प्रशासन को रात 1 बजे पीडब्लूडी डाकबंगले से गिरफ्तार करना पड़ा था। प्रशासन ने उन्हें रातों रात बनारस सेंट्रल जेल भेज दिया था।

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बात उस समय की है जब 1992 में कुशीनगर जिला नहीं बना था वह देवरिया का ही हिस्सा था। जिले के रामकोला में किसानों का आंदोलन चल रहा था। आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में तीन किसानों की मौत हो गयी थी। उसके बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के रामकोला आने का सिलसिला शुरू हो गया। उसी समय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष होने के चलते मुलायम सिंह यादव भी पहुंचे थे और रामकोला के रामलीला मैदान में सभा कर उन्होंने एक तिथि तय करते हुए घोषणा किया कि वह यहां आकर गिरफ्तारी देंगे।

घोषित तिथि के एक दिन पहले मुलायम सिंह यादव जिले में आ गए थे और वह पीडब्लूडी डांकबंगले में रुके। जानकार बताते हैं कि अगले दिन सुबह नेताजी को रामकोला जाकर गिरफ्तारी देनी थी। इसके लिए दल के नेताओं ने व्यापक तैयारी भी की थी। डाकबंगले पर कार्यकर्ता व नेता जुटे भी थे। नेताजी ने सबको सुबह आने की बात कहकर घर भेज दिया।

बताते हैं कि प्रशासन भी तैयारी में था और भीड़ हटने के बाद रात 1 बजे उस समय डीएम रहे मनोज कुमार खुद पहुंचे और नेताजी को गिरफ्तार किया था। प्रशासन ने रातो-रात नेताजी, बालेश्वर यादव व कुछ अन्य लोगों को बनारस सेंट्रल जेल भेज दिया। नेताजी की गिरफ्तारी के बाद अगले दिन जनेश्वर मिश्र के नेतृत्व में आंदोलन हुआ और 132 लोगों ने गिरफ्तारी दी थी।

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