March 21, 2026

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जम्मू-कश्मीर : रोपवे परियोजना पर उबाल, कटरा में पुलिस-प्रदर्शनकारी भिड़े

झड़प में एक पुलिसकर्मी घायल, समय रहते अतिरिक्त बलों की तैनाती से हालात काबू में कर लिए गए

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित त्रिकूट पर्वत पर प्रस्तावित रोपवे परियोजना ने एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। वैष्णो देवी मंदिर की ओर जाने वाले पैदल मार्ग को लेकर शुरू हुई बहस ने सोमवार को कटरा के आधार शिविर में उग्र रूप ले लिया। विरोध कर रहे दुकानदारों, टट्टू मालिकों और मजदूरों की पुलिस से झड़प हो गई, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। अधिकारियों के अनुसार, इस झड़प में एक पुलिसकर्मी घायल हुआ, लेकिन समय रहते अतिरिक्त बलों की तैनाती से हालात काबू में कर लिए गए।

लाखों श्रद्धालुओं के लिए बनाई गई योजना

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12 किलोमीटर लंबे ताराकोट मार्ग से सांझी छत के बीच 250 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस रोपवे परियोजना को श्राइन बोर्ड ने भविष्य की सुविधा बताते हुए घोषित किया है। हालांकि, स्थानीय दुकानदार, टट्टू और पालकी मालिक इसे अपने रोजगार पर सीधा हमला मान रहे हैं। तीन दिन पहले शुरू हुई हड़ताल ने अब व्यापक आंदोलन का रूप ले लिया है।

पुनर्वास या परियोजना पर रोक

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि यह परियोजना उनके रोजी-रोटी को खत्म कर देगी। दुकानदारों और मजदूरों की संयुक्त समिति ने हड़ताल को 24 घंटे और बढ़ा दिया है और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए बैठक बुलाने की बात कही है।

“हर मजदूर को मिले 20 लाख का मुआवजा”

विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता और मजदूर संघ के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह जामवाल ने पुनर्वास योजना की मांग को दोहराया। उन्होंने सरकार से अपील की कि हर प्रभावित व्यक्ति को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और इस परियोजना पर पुनर्विचार किया जाए।

श्रद्धालुओं की सुविधा बनाम स्थानीय रोजगार

इस परियोजना ने वैष्णो देवी जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने का सपना दिखाया है, लेकिन स्थानीय समुदाय को डर है कि उनके पारंपरिक व्यवसाय खत्म हो जाएंगे। सवाल यह है कि क्या विकास की यह राह स्थानीय रोजगार को कुर्बान किए बिना आगे बढ़ सकेगी?

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