February 6, 2026

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बुंदेलखंड : ललितपुर फॉर्मा पार्क के निर्माण के लिए पशुपालन विभाग की 1500 एकड़ भूमि यूपीसीडा को स्थानांतरित

यह परियोजना न केवल ललितपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी

Khabari Chiraiya Desk : बुंदेलखंड क्षेत्र के ललितपुर जिले में बल्क ड्रग फॉर्मा पार्क विकसित करने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। फॉर्मा  पार्क के लिए सैदपुर ग्राम पंचायत में पशुपालन विभाग की 2000 एकड़ भूमि में से करीब 1500 एकड़ भूमि राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को हस्तानान्तरित कर दी गई।

इस हस्तांतरण के बाद अब यह परियोजना अगले चरण में प्रवेश करेगी। इस भूमि पर दवा कंपनियां फैक्ट्रियां स्थापित करके यहां दवाइयों का निर्माण करेंगी। इस भूमि पर फॉर्मा पार्क विकसित करने के लिए वर्ल्ड क्लास कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटीज (सीआईएफ) तैयार की जाएंगी। यह परियोजना न केवल ललितपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

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जारी एक बयान में बताया गया कि उच्च गुणवत्ता वाली, किफायती दवाओं के उत्पादन पर योगी सरकार का जोर है। ललितपुर में प्रस्तावित बल्क ड्रग फॉर्मा पार्क राज्य और देश के लिए फार्मास्यूटिकल उत्पादों के निर्माण में एक पावर हाउस के रूप में कार्य करेगा। इस परियोजना का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली, किफायती दवाओं का उत्पादन करना है। बल्क ड्रग प्रोडक्शन के क्षेत्र में यह पार्क भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती देगा। ललितपुर बल्क ड्रग फॉर्मा पार्क पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत ग्लोबल फॉर्मा सेक्टर के लीडर्स को आकर्षित करने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) पहले ही जारी कर दी गई है।

फॉर्मा पार्क को सड़क और रेल नेटवर्क के माध्यम से विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और उत्कृष्ट कनेक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत लॉजिस्टिक्स की सुविधाजनक आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें और रेल लिंक तैयार किए जाएंगे। इस परियोजना के तहत ललितपुर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक टाउनशिप, सेक्टोरल स्पेसिफिक इंडस्ट्रियल पार्क्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों का विकास होगा। इसके साथ ही, परियोजना के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। फॉर्मा पार्क को पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पालन करते हुए विकसित किया जाएगा। इसमें केमिकल डिस्चार्ज के निस्तारण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज जैसी स्टैंडर्ड प्रैक्टिस को अपनाया जाएगा।

“उत्तर प्रदेश को न केवल औद्योगिक रूप से विकसित किया जाए, बल्कि उसे भारत की फॉर्मा जरूरतों का केंद्र भी बनाया जाए। बल्क ड्रग फॉर्मा पार्क इसी दृष्टिकोण का एक हिस्सा है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।”- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

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