February 6, 2026

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जीएसटी परिषद का निर्णय : 22 सितंबर से सस्ते होंगे जरूरी सामान, लग्जरी वस्तुओं पर बढ़ा टैक्स

  • अब तक लागू चार स्लैब-5, 12, 18 और 28 प्रतिशत को समाप्त कर केवल दो स्लैब 5 और 18 प्रतिशत रखे गए हैं

Khabari Chiraiya Desk: देश की कर प्रणाली को आसान और पारदर्शी बनाने के मकसद से जीएसटी परिषद ने अहम निर्णय लिया है। अब तक लागू चार स्लैब-5, 12, 18 और 28 प्रतिशत को समाप्त कर केवल दो स्लैब 5 और 18 प्रतिशत रखे गए हैं। यह बदलाव हर वर्ग को छूता है। उपभोक्ताओं को सस्ते दाम, किसानों को कम टैक्स पर साधन और सरकार को उच्च राजस्व का संतुलित मॉडल। साथ ही, लग्जरी कारों और तंबाकू जैसे उत्पादों पर टैक्स को 40 प्रतिशत तक बढ़ाकर सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आम लोगों की सुविधा प्राथमिकता होगी, जबकि महंगे शौक पर नियंत्रण आवश्यक है।

खाने-पीने और कृषि क्षेत्र में राहत

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नए जीएसटी ढांचे का सबसे बड़ा असर रोजमर्रा की वस्तुओं और खेती-किसानी से जुड़ी सामग्री पर पड़ा है। दूध, घी, मक्खन, पनीर और चीज जैसी डेयरी वस्तुएं अब सस्ती हो जाएंगी। पैक्ड स्नैक्स, बिस्कुट, पास्ता और चॉकलेट पर भी टैक्स 12–18 प्रतिशत से घटकर केवल 5 प्रतिशत रह गया है। किसानों के लिए उर्वरक, बीज और ट्रैक्टर पर टैक्स घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को सीधी राहत

हेल्थकेयर सेक्टर में बदलाव आम जनता को बड़ी राहत देने वाला है। जीवन रक्षक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों को 5 प्रतिशत या शून्य टैक्स श्रेणी में डाल दिया गया है। थर्मामीटर और ग्लूकोमीटर जैसे रोजमर्रा में उपयोग होने वाले उपकरण भी अब सस्ते होंगे। इतना ही नहीं, व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों को भी करमुक्त कर दिया गया है। यह कदम मध्यम वर्ग और बुजुर्गों के लिए खासतौर पर लाभकारी साबित होगा।

रोज़मर्रा के कंज्यूमर गुड्स और ऑटो सेक्टर पर असर

एसी और टीवी जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में भी कमी आएगी क्योंकि उन पर टैक्स दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है। जूते और कपड़े पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ कम होगा। वहीं, 1200 सीसी तक की पेट्रोल कारें, 1500 सीसी तक की डीजल कारें, मोटरसाइकिलें और तिपहिया वाहन भी 18 प्रतिशत टैक्स श्रेणी में लाए गए हैं। इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर में बिक्री को नई रफ्तार मिल सकती है।

लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं पर सख्ती

सरकार ने इस सुधार में संतुलन बनाने की कोशिश की है। जहां जरूरी वस्तुओं पर राहत दी गई है, वहीं सिगरेट, तंबाकू और लग्जरी कारों पर टैक्स बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे न सिर्फ राजस्व में इज़ाफा होगा, बल्कि लोगों को हानिकारक आदतों से दूर रखने और अनावश्यक विलासिता पर अंकुश लगाने का संदेश भी जाएगा।

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