March 21, 2026

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महागठबंधन में तेजस्वी यादव बने चेहरा, मुकेश सहनी को मिला डिप्टी सीएम का भरोसा

  • बिहार विधानसभा चुनाव : महागठबंधन ने स्पष्ट किया है कि अब चुनाव से पहले किसी अन्य नाम की घोषणा नहीं होगी

Khabari Chiraiya Desk : बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले लंबे समय से चली आ रही महागठबंधन की अंदरूनी खींचतान आज खत्म हो गई।राजधानी पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तेजस्वी यादव को महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का आधिकारिक चेहरा घोषित किया। गहलोत ने कहा कि बिहार को एक युवा, ऊर्जावान और जवाबदेह नेतृत्व की जरूरत है, जो विकास और न्याय की नई दिशा तय कर सके।

इसके साथ ही विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी के नाम की घोषणा उपमुख्यमंत्री पद के लिए की गई। गहलोत ने यह भी संकेत दिया कि सत्ता में आने की स्थिति में महागठबंधन समाज के अन्य वर्गों…सवर्ण, मुस्लिम और दलित समुदायों से भी उपमुख्यमंत्री बनाएगा। उन्होंने कहा कि “बिहार सामाजिक संतुलन का प्रतीक राज्य है और हमारी सरकार हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करेगी।”

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तेजस्वी यादव ने अपने नाम की घोषणा के बाद कहा कि यह जिम्मेदारी केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे बिहार की जनता के विश्वास की है। उन्होंने कहा, “अगर तेजस्वी की परछाई भी गलत काम करेगी तो तेजस्वी खुद उसे सजा दिलाएगा। हमारा लक्ष्य है एक नया, ईमानदार और प्रगतिशील बिहार बनाना।”

महागठबंधन की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, सीपीआई(एम-एल) नेता दीपांकर भट्टाचार्य सहित सभी सहयोगी दलों के नेता मौजूद थे।राजेश राम ने कहा कि “INDIA गठबंधन की एकजुटता आज पहले से ज्यादा मजबूत है। राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा से लेकर जनहित के मुद्दों तक, सभी सहयोगी दल एक साझा दृष्टिकोण पर खड़े हैं।”

दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार जैसे बड़े राज्य में सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर डिप्टी सीएम का चेहरा घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार उनकी पार्टी 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, लेकिन गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार बनने की स्थिति में उनकी पार्टी कैबिनेट में शामिल नहीं होगी, बल्कि जनता के मुद्दों पर सक्रिय सहयोगी की भूमिका निभाएगी।

महागठबंधन की इस घोषणा के साथ ही अब बिहार की राजनीति में तस्वीर साफ हो गई है। जहां एनडीए पहले से ही मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में नीतीश कुमार पर भरोसा जता चुका है, वहीं महागठबंधन ने तेजस्वी यादव पर दांव लगाकर चुनावी मुकाबले को सीधा और तीखा बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, तेजस्वी और मुकेश सहनी की जोड़ी जातीय और सामाजिक समीकरणों में संतुलन लाकर विपक्षी गठबंधन को नई ताकत दे सकती है।

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