March 24, 2026

खबरी चिरईया

नजर हर खबर पर

आवारा कुत्ते के काटने से मौत पर कर्नाटक सरकार देगी पांच लाख की सहायता

  • तमिलनाडु के आंकड़े और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश इस बात की चेतावनी है कि अब आवारा कुत्तों के स्थायी समाधान पर काम जरूरी है

Khabari Chiraiya Desk: कर्नाटक सरकार ने राज्य में बढ़ती कुत्तों के हमलों की घटनाओं को देखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने घोषणा की है कि अगर आवारा कुत्ता किसी व्यक्ति की जान ले लेता है तो पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि लगातार सामने आ रही घटनाओं ने लोगों को असुरक्षा के माहौल में डाल दिया है और ऐसे मामलों में सरकारी सहायता बेहद जरूरी है।

यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता काटकर घायल कर देता है तो उसे पांच हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। यह मुआवजा उन सभी मामलों पर लागू होगा जहां चोटें गंभीर न हों लेकिन पीड़ित को अस्पताल जाने या दवा खर्च का सामना करना पड़े। इसी के साथ सरकार ने गहरी चोटों और कई बार काटने की घटनाओं के लिए भी प्रावधान किया है। इन मामलों में भी कुल पांच हजार रुपये दिए जाएंगे जिसमें तीन हजार पांच सौ रुपये सीधे पीड़ित को और एक हजार पांच सौ रुपये उपचार की व्यवस्था के लिए सुवर्णा आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट को दिए जाएंगे।

Advertisements
Panchayat Voice

उधर, तमिलनाडु में बढ़ते कुत्ता हमलों और रेबीज संक्रमण के मामलों को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि इस साल राज्य में कुत्तों के काटने के पांच लाख से अधिक मामले दर्ज हुए हैं और रेबीज संक्रमण के कारण कई लोगों की जान चली गई है। चिदंबरम ने कहा कि स्थिति बेहद गंभीर है और आवारा कुत्तों की पहचान, नसबंदी और वैक्सीनेशन को तेजी से बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि कुत्तों से प्यार करना गलत नहीं है लेकिन बढ़ते जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

इस मुद्दे ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों के आसपास से आवारा कुत्तों को हटाने की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाए। अदालत ने कहा कि कुत्तों द्वारा काटने की बढ़ती घटनाएं सार्वजनिक सुरक्षा के लिए चुनौती बन गई हैं और प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।

यह भी पढ़ें… नई दिल्ली : 272 प्रतिष्ठित नागरिकों के खुले पत्र ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है

यह भी पढ़ें… पश्चिम बंगाल में महिला बीएलओ की मौत

यह भी पढ़ें… मुरादाबाद : एक छात्रा की खामोश जंग और समाज की नाकामी

आगे की खबरों के लिए आप हमारी वेबसाइट पर बने रहें…

error: Content is protected !!