देश में रोजगार और कर्मचारी अधिकारों की संरचना में बदलाव के नये नियम लागू
- कामगारों को अब एक साल में ग्रेच्यूटी, नई संहिताओं से वेतन और अधिकारों में बड़ा सुधार, साप्ताहिक और दैनिक कार्य-घंटे तय कर ओवरटाइम का भुगतान दोगुना किया गया है
Khabari Chiraiya Desk: देश में रोजगार और कर्मचारी अधिकारों की संरचना पूरी तरह बदलने की दिशा में केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक सुधार लागू कर दिए हैं। सबसे बड़ा परिवर्तन ग्रेच्यूटी को लेकर हुआ है-अब किसी भी कर्मचारी को पांच वर्ष का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सिर्फ एक वर्ष की नौकरी पूरी करने पर ही ग्रेच्यूटी का अधिकार मिल जाएगा।इस व्यापक बदलाव के साथ वेतन व्यवस्था, महिलाओं के अधिकार, स्वास्थ्य सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी और नियुक्ति से जुड़ी कई प्रमुख व्यवस्थाओं को नए रूप में लागू किया गया है। स्वतंत्र भारत में श्रम क्षेत्र में इतने व्यापक सुधार पहले कभी नहीं दिखे।
नये नियमों में महिलाओं की सुरक्षा और समान अवसरों पर विशेष जोर दिया गया है। समान काम के लिए समान वेतन अब अनिवार्य होगा। नाइट शिफ्ट में कार्य की अनुमति सुरक्षा व्यवस्था के साथ दी जाएगी। महिला कर्मचारी अपने कार्य घंटे अपनी सुविधा के अनुसार चुन सकेंगी। मातृत्व लाभ के नियमों के तहत 26 सप्ताह की पेड लीव और 50 से अधिक कर्मचारियों वाले दफ्तरों में क्रेच सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।

नई संहिताओं में दैनिक कार्य समय 8 से 12 घंटे और सप्ताहिक सीमा 48 घंटे तय की गई है। तय सीमा से अधिक काम करने पर कर्मचारियों को दोगुना ओवरटाइम भुगतान मिलेगा। न्यूनतम मजदूरी की गारंटी भी सभी पर लागू होगी। सैलरी में देरी की समस्या खत्म करने के लिए कंपनियों को हर महीने की सात तारीख तक वेतन जारी करना अनिवार्य किया गया है। आईटी कंपनियों सहित सभी सेक्टरों में यह नियम लागू होगा। संगठित ही नहीं, असंगठित क्षेत्र के हर कर्मचारी को भी न्यूनतम वेतन का वैधानिक अधिकार दिया गया है। कोई भी राज्य केंद्र द्वारा तय फ्लोर वेज से कम न्यूनतम वेतन घोषित नहीं कर सकता।
नई व्यवस्था में 40 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों को साल में एक बार मुफ्त हेल्थ चेकअप मिलेगा। जोखिम वाले काम करने वाले श्रमिकों को पूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ दिया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर, गिग वर्कर और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को औपचारिक कानूनी पहचान दी गई है। अब इन्हें भी पीएफ, बीमा और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का संरक्षण मिलेगा। सभी कर्मचारियों को अनिवार्य नियुक्ति पत्र, यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी, पीएफ-ESIC-इंश्योरेंस के लाभ, समय पर वेतन भुगतान, महिलाओं को हर सेक्टर में काम की स्वतंत्रता और पूरे देश में ईएसआईसी कवरेज लागू किया गया है।
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