February 6, 2026

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हाथियों के झुंड से टकराई राजधानी एक्सप्रेस, आठ की मौत

राजधानी एक्सप्रेस
  • राजधानी एक्सप्रेस की टक्कर से वन्यजीवों की जान गई, विकास और प्रकृति के टकराव पर फिर बहस तेज

Khabari Chiraiya Desk : होजाई जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक रेल हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। सैरांग से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस जंगली हाथियों के एक झुंड से टकरा गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेन का इंजन समेत पांच कोच पटरी से उतर गए। हादसे में आठ हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सौभाग्य से किसी भी यात्री को शारीरिक चोट नहीं पहुंची।

यह घटना लुमडिंग डिवीजन के जमुनामुख–कंपुर रेलखंड के पास हुई, जहां घने जंगल और हाथियों की आवाजाही पहले से ही दर्ज है। वन विभाग के अनुसार, हाथियों का झुंड सुबह के समय रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, तभी तेज रफ्तार ट्रेन उनसे जा टकराई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और रेल सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं।

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हादसे के कारण ऊपरी असम और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में रेल परिचालन प्रभावित हुआ है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ-साथ उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आगे की यात्रा के लिए भेजा गया। कई ट्रेनों को दूसरे मार्गों से डायवर्ट किया गया है, ताकि यात्रियों को न्यूनतम परेशानी हो।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत और कोचों को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। तकनीकी टीम और सुरक्षा बल मौके पर मौजूद हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उत्तर-पूर्व और दिल्ली के बीच अहम कड़ी है यह ट्रेन
सैरांग–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस मिजोरम के सैरांग शहर, जो आइजोल के पास स्थित है, को देश की राजधानी से जोड़ती है। यह ट्रेन पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन मानी जाती है। हादसे के बाद रेल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य किया जाएगा।

वन्यजीव और विकास के टकराव पर फिर बहस
इस हादसे ने एक बार फिर जंगलों से गुजरने वाली रेलवे लाइनों पर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। असम और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में रेलवे ट्रैक हाथियों के प्राकृतिक गलियारों से होकर गुजरते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेन की गति नियंत्रण, चेतावनी प्रणाली और हाथी कॉरिडोर पर विशेष निगरानी जैसे उपायों को और सख्ती से लागू करने की जरूरत है।
वन विभाग और रेलवे प्रशासन ने संयुक्त रूप से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रणनीति बनाने की बात कही है।

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