February 6, 2026

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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को कड़ा टास्क

Deputy CM Keshav Prasad Maurya.

Deputy CM Keshav Prasad Maurya.

  • विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम की व्यापकता पर जोर, मनरेगा लोकपाल के अधिकार बढ़े, अब मनरेगा के साथ पीएम आवास की भी करेंगे जांच

Khabari Chiraiya Desk: यूपी सरकार ने विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम की व्यापकता पर जोर दिया है। यानी इसकी विशेषताओं के बारे व्यापक स्तर पर जन जागरूकता पैदा करने करने के लिए प्रचार प्रसार कराये जाने के लिए नकेल कसा है। शनिवार को जारी एक बयान में सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को कड़ा टास्क दिया है। दिए गए निदेर्शों में सबसे पहले उप मुख्यमंत्री विकास कार्यों की पारदर्शी निगरानी का हुक्म जारी किया है।

कहा है कि विकास कार्यो के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता रखी जाए। निर्माण कार्य निर्धारित मानको के अनुरूप और गुणवत्ता से परिपूर्ण होने चाहिए, इसके लिए अधिकारी विकास कार्यो की लगातार मॉनिटरिंग करें, समीक्षा करें और मौके पर जाकर सख्त निगरानी करें। यदि कोई समस्या हो तो या शिकायत मिले तो उसका मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करें। यदि कार्यों में अनियमितता की शिकायत मिले तो उसकी जांच कर करें।

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Panchayat Voice

दिए गए अपने निर्देश में उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि विकसित भारत जी राम जी अधिनियम और इसकी विशेषताओं के बारे व्यापक स्तर पर जन जागरूकता पैदा करने के लिए प्रचार प्रसार कराये जाएं, ताकि लोगों को इस अधिनियम की व्यापकता का उद्देश्य पता चल सके। कहा कि मनरेगा के  कार्यों की जाच के लिए पूर्व में ही मनरेगा लोकपाल जिलो में तैनात किये गये हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लाभार्थियों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब मनरेगा के तहत नियुक्त लोकपाल को इस योजना की शिकायतों को सुनने और उनका निवारण करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उप मुख्यमंत्री के जारी हुक्म के बाद उत्तर प्रदेश के  ग्राम्य विकास विभाग  के आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने राज्य के सभी मुख्य विकास अधिकारियों को भारत सरकार के निर्देशानुसार इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। जारी अपने बयान में जीएस प्रियदर्शी ने बताया है कि  लोकपाल को शिकायत प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर निराकरण करना होगा। लोकपालों को PMAY-G के दिशा-निर्देशों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। लाभार्थियों के बीच प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि उन्हें इस नए शिकायत निवारण मंच की जानकारी मिल सके।

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