February 6, 2026

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बदलते मौसम में बढ़ा टॉन्सिलाइटिस का प्रकोप, बढ़ी मरीजों की भीड़

  • अधिकतर मरीज दवा से ठीक हो रहे हैं, जबकि कुछ को शल्यक्रिया की जरूरत पड़ रही है

Khabari Chiraiya Desk: मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही गले की बीमारियों ने भी दस्तक दे दी है। सुबह की ठंड और दिन की हल्की गर्माहट के बीच शरीर पर पड़ रहे असर का सीधा असर गले पर दिख रहा है। इन दिनों टॉन्सिलाइटिस के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बिहार आई एक खबर के मुताबिक मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच के ईएनटी विभाग में इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की सबसे ज्यादा आमद हो रही है।

एसकेएमसीएच के ईएनटी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सुजीत कुमार बताते हैं कि ठंड के मौसम में टॉन्सिलाइटिस के मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो जाती है। उनके अनुसार टॉन्सिलाइटिस गले के पीछे स्थित टॉन्सिल की सूजन है, जो आमतौर पर वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होती है। संक्रमण के कारण टॉन्सिल लाल और सूजे हुए हो जाते हैं, जिससे मरीज को तेज दर्द और असहजता का सामना करना पड़ता है।

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डॉ शशि कुमार के अनुसार इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में गले में खराश, निगलने में दर्द, सूजे हुए लाल टॉन्सिल, बुखार और गले में सूजन शामिल हैं। कई मरीजों को इतना दर्द होता है कि वे ठीक से खाना या पानी तक नहीं निगल पाते। बच्चों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है, लेकिन वयस्क भी इससे अछूते नहीं हैं।

एसकेएमसीएच के ईएनटी विभाग में डॉ सुजीत कुमार के साथ डॉ शशि कुमार, डॉ मृणालिनी, डॉ अकबर, निश्चेतना विभाग के डॉ अमर कुमार, डॉ संतोष कुमार और शल्य कक्ष सहायक सत्यप्रकाश सहित पूरी टीम मरीजों के इलाज में जुटी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मरीज दवा और उचित देखभाल से ठीक हो जाते हैं, लेकिन जिन मरीजों में संक्रमण बार बार होता है या दवाओं से आराम नहीं मिलता, उन्हें शल्यक्रिया की सलाह दी जाती है।

शल्य कक्ष में तैनात रूचि कुमारी और श्वेता कुमारी बताती हैं कि इन दिनों टॉन्सिलाइटिस के कारण ऑपरेशन की संख्या भी बढ़ी है। हालांकि हर मरीज को शल्यक्रिया की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन गंभीर मामलों में यह आवश्यक हो जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। ठंडी चीजों से परहेज, स्वच्छता का ध्यान, गुनगुने पानी का सेवन और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाकर इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है। गले में लगातार दर्द, बुखार या निगलने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए, ताकि समय रहते इलाज शुरू हो सके।

फिलहाल एसकेएमसीएच में टॉन्सिलाइटिस के बढ़ते मामलों को देखते हुए चिकित्सक सतर्क हैं और लोगों को मौसम के इस दौर में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

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