होली और ईद पर घर लौटना हुआ आसान, 102 विशेष बसों से प्रवासियों को राहत
- 23 फरवरी से 23 मार्च तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और बंगाल रूट पर चलेंगी अंतर्राज्यीय बसें
Khabari Chiraiya Desk : होली और ईद जैसे बड़े त्योहारों पर घर लौटने की बेचैनी इस बार बिहार के प्रवासी परिवारों के लिए कम होने जा रही है। हर साल ट्रेनों में उमड़ने वाली भारी भीड़, लंबी वेटिंग लिस्ट और टिकट की मारामारी के बीच घर पहुंचना किसी परीक्षा से कम नहीं होता था, लेकिन इस बार बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने एक बड़ी पहल की है, जिससे हजारों परिवारों की राह आसान होगी।
निगम ने 23 फरवरी से 23 मार्च तक करीब 102 विशेष अंतर्राज्यीय बसों के संचालन का फैसला लिया है। इन बसों के माध्यम से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिम बंगाल में रहने वाले प्रवासी बिहारियों को अपने घर तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी। खास बात यह है कि इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों को 25 से 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी दी जाएगी, जिससे त्योहार के समय यात्रा खर्च का बोझ कम होगा।

इन विशेष बसों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की शुरुआत 5 फरवरी से कर दी गई है। यात्री निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी सीट पहले से सुरक्षित कर सकते हैं। भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से जोड़ा गया है, जिसमें यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध है। जो यात्री ऑनलाइन टिकट नहीं ले पाएंगे, उनके लिए बसों में ई-टिकटिंग मशीन के जरिए मौके पर टिकट की व्यवस्था भी की गई है।
रूट प्लानिंग भी मांग को ध्यान में रखकर की गई है। सबसे अधिक 62 बसें दिल्ली रूट के लिए निर्धारित की गई हैं। हरियाणा के पानीपत और अंबाला के लिए 40 बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा रांची के लिए भी 10 बसों का प्रावधान किया गया है। ये बसें पटना, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और गया जैसे प्रमुख शहरों से चलेंगी और मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, लखनऊ और आगरा होते हुए दिल्ली और हरियाणा तक पहुंचेंगी। निगम की यह पहल केवल त्योहारों तक सीमित नहीं है।
जर्जर बसों की समस्या से जूझ रहे यात्रियों को जल्द राहत मिलने वाली है। सरकार अप्रैल तक मुजफ्फरपुर डिपो को 70 से 80 नई लग्जरी कोच बसें उपलब्ध कराने जा रही है। इसके साथ ही सीतामढ़ी, दरभंगा, मोतिहारी समेत अन्य डिपो को भी नई बसें दी जाएंगी। इन बसों का किराया निजी बसों की तुलना में कम रखने की योजना है, जिससे आम यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुजफ्फरपुर डिपो से प्रतिदिन लगभग 30 हजार से अधिक यात्रियों का संचालन होता है। बेहतर और आरामदायक बसों की उपलब्धता के बाद यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। त्योहारों के मौसम में यह पहल न केवल यात्रियों की परेशानी कम करेगी, बल्कि बिहार के परिवहन तंत्र को भी नई दिशा देगी।
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