राजगीर की धर्मशाला में चार श्रद्धालुओं की संदिग्ध मौत से सनसनी
- दिगंबर जैन धर्मशाला के बंद कमरे से मिले दो पुरुष और दो महिलाओं के शव। कमरा अंदर से बंद, पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
Khabari Chiraiya Desk: राजगीर की शांत और आध्यात्मिक फिजा शुक्रवार को उस वक्त सन्नाटे में बदल गई, जब दिगंबर जैन धर्मशाला के एक कमरे से तेज दुर्गंध आने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कमरा खुलवाया गया। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। कमरे के भीतर चार लोगों के शव फंदे से लटके मिले। मृतकों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चारों व्यक्ति जैन धर्म से जुड़े श्रद्धालु थे और 31 जनवरी को धार्मिक यात्रा के क्रम में राजगीर पहुंचे थे। धर्मशाला प्रबंधन के अनुसार, 2 फरवरी के बाद से उन्हें परिसर में नहीं देखा गया था। कमरे का दरवाजा कई दिनों तक बंद रहने और बदबू फैलने के बाद आशंका हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया।

धर्मशाला प्रबंधन ने बताया कि चारों श्रद्धालु नेपाल भ्रमण के बाद राजगीर आए थे। एक व्यक्ति की पहचान आधार कार्ड के जरिए जी. आर. नाग प्रसाद के रूप में हुई है, जिसका पता बेंगलुरु दर्ज है। शेष तीन लोगों की पहचान के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। परिजनों से संपर्क साधने की प्रक्रिया भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर जब पुलिस अंदर पहुंची तो चारों शव फंदे से लटके मिले। घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे परिसर को घेराबंदी कर दिया गया है। किसी बाहरी व्यक्ति को मौके के पास जाने की अनुमति नहीं है। कमरे को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
मामले की जांच कई संभावित पहलुओं से की जा रही है। पुलिस आत्महत्या, सामूहिक आत्महत्या, आपसी विवाद या किसी अन्य साजिश की संभावना से इनकार नहीं कर रही है। मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और यात्रा के दौरान संपर्क में आए लोगों की जानकारी खंगाली जा रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत कब और कैसे हुई। यह भी जांच का विषय है कि चारों की मौत एक ही समय हुई या अलग-अलग।
इस घटना ने राजगीर जैसे धार्मिक और शांत नगर में गहरा असर डाला है। स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल है और कई सवाल अनुत्तरित हैं। आखिर इतने दिनों तक किसी को कमरे से कोई आहट क्यों नहीं मिली। दरवाजा अंदर से बंद होने के बावजूद क्या कोई और तथ्य सामने आएंगे।
फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और जांच जारी है। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इस रहस्यमयी घटना की परतें खुल सकेंगी।
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