अब थानों में नहीं चलेगी पैरवी, विजिटर रजिस्टर अनिवार्य
- बिचौलियों की छुट्टी, हर थाने में विजिटर रजिस्टर अनिवार्य। ड्यूटी के दौरान मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण
Khabari Chiraiya Desk : पटना से एक बड़ी प्रशासनिक पहल सामने आई है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने विभागीय अनुशासन को मजबूत करने और वर्दी की गरिमा को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से व्यापक निर्देश जारी किए हैं। पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब थानों में किसी भी प्रकार की दलाली, पैरवी या अनधिकृत हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया पर ड्यूटी के दौरान वीडियो और रील बनाने की प्रवृत्ति पर भी सख्त रोक लगा दी गई है।
मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक थाने में आगंतुक पंजी अनिवार्य कर दिया गया है। थाने में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपना नाम, पता और आने का कारण दर्ज कराना होगा। यदि किसी थाना क्षेत्र में बिचौलियों की गतिविधि पाई जाती है तो जिम्मेदारी संबंधित थानेदार पर तय की जाएगी। विभाग ने साफ किया है कि केवल दलालों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि संरक्षक पाए जाने पर अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान मोबाइल के अनुचित उपयोग से दूर रहने का आदेश दिया गया है। ड्यूटी समय में वीडियो बनाना, फिल्मी गानों पर रील तैयार करना या अनावश्यक चैटिंग करना अनुशासनहीनता माना जाएगा। सभी पुलिसकर्मियों को अपने व्हाट्सएप प्रोफाइल पर केवल आधिकारिक वर्दी वाली तस्वीर लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पेशेवर छवि कायम रहे।
हाल की कुछ घटनाओं में आम नागरिकों के साथ पुलिस कर्मियों के दुर्व्यवहार ने विभाग की छवि पर प्रश्नचिह्न लगाया था। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि जनता के साथ अभद्रता या शक्ति का दुरुपयोग पाए जाने पर त्वरित निलंबन और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहने की प्रवृत्ति समाप्त की जाएगी।
यह पहल केवल बाहरी अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि विभाग के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में भी कदम है। जिन अधिकारियों या कर्मियों पर भ्रष्टाचार अथवा अनुशासनहीनता के आरोप हैं, उनकी पहचान कर निगरानी की जा रही है।
पुलिस महानिदेशक ने अपने संदेश में कहा है कि बिहार पुलिस का हर सदस्य जनता का सहयोगी और अपराधियों के खिलाफ दृढ़ प्रहरी होना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि अनुशासन और ईमानदारी ही सेवा में बने रहने की शर्त है। विभाग का उद्देश्य एक ऐसी पुलिस व्यवस्था स्थापित करना है जो आम नागरिक के विश्वास को मजबूत करे और कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखे।
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