तारिक रहमान बने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री
- परंपरा से हटकर संसद में हुआ शपथ कार्यक्रम। नई कैबिनेट के गठन के साथ राजनीतिक बदलाव। आर्थिक और कूटनीतिक दिशा पर टिकी निगाहें
Khabari Chiraiya Desk : ढाका में राजनीतिक परिदृश्य ने नया मोड़ ले लिया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के प्रमुख तारिक रहमान ने देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार का नेतृत्व संभाल लिया। लंबे राजनीतिक निर्वासन के बाद उनकी वापसी को बांग्लादेश की राजनीति में बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उन्हें पारंपरिक बंगभवन की बजाय राष्ट्रीय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में शपथ दिलाई। यह बदलाव राजनीतिक संकेतों से भरपूर माना जा रहा है और इसे नई सरकार की अलग कार्यशैली का प्रतीक बताया जा रहा है। समारोह में करीब बारह सौ आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिरकत की।

हालिया आम चुनावों में बीएनपी को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद रहमान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का गठन हुआ। नए मंत्रियों ने भी अपने-अपने विभागों की जिम्मेदारी संभाली। सरकार के गठन के साथ ही प्रशासनिक सुधार, आर्थिक पुनर्गठन और विदेश नीति में नई दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नई कैबिनेट में गृह, वित्त, विदेश, ऊर्जा, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण जैसे प्रमुख मंत्रालयों की जिम्मेदारियां वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि नई सरकार के सामने आर्थिक स्थिरता, महंगाई नियंत्रण और रोजगार सृजन जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी।
उधर, संसद में विपक्ष का भी गठन हो चुका है। जमात-ए-इस्लामी के नेता को विपक्ष का नेता चुना गया है, जबकि नेशनल सिटिजन्स पार्टी की प्रतिनिधि को विपक्ष की मुख्य व्हिप बनाया गया है। इससे संकेत मिलता है कि संसद में सशक्त विपक्ष भी सक्रिय भूमिका निभाएगा।
तारिक रहमान ने शपथ के बाद अपने संबोधन में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, संस्थागत मजबूती और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि देश को स्थिरता और विकास की राह पर आगे ले जाना उनकी प्राथमिकता होगी। बांग्लादेश की राजनीति में यह नई शुरुआत आने वाले समय में दक्षिण एशिया की कूटनीतिक दिशा को भी प्रभावित कर सकती है।
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