बिहार में हाईटेक वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश
- पकड़ीदयाल डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस ने संगठित वाहन चोरी गिरोह के पांच सदस्यों को दबोचा। छापेमारी में 14 मोटरसाइकिलें, फर्जी स्मार्ट कार्ड और इंजन चेसिस नंबर बदलने के औजार बरामद किए गए
Khabari Chiraiya Desk : जिले में पुलिस ने एक संगठित वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़ीदयाल डीएसपी कुमार चंदन के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में चोरी की 14 मोटरसाइकिलों के साथ कई फर्जी दस्तावेज और इंजन तथा चेसिस नंबर बदलने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह तकनीकी तरीके अपनाकर चोरी की गाड़ियों को वैध बनाकर बाजार में खपाने का काम करता था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस गिरोह का काम करने का तरीका काफी संगठित और सुनियोजित था। अपराधी पहले विभिन्न इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी करते थे। इसके बाद किसी दूसरी वैध बाइक के इंजन और चेसिस नंबर को चोरी की बाइक पर अंकित कर देते थे। इस प्रक्रिया के जरिए चोरी की गाड़ी की पहचान पूरी तरह बदल दी जाती थी। इसके साथ ही गिरोह असली जैसे दिखने वाले ऑनर स्मार्ट कार्ड और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भी तैयार कर लेता था, जिससे वाहन पूरी तरह वैध प्रतीत होता था। इस कारण कई बार वाहन की असली पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता था।

पुलिस को इस अवैध गतिविधि की जानकारी गुप्त सूत्रों से मिली थी। सूचना के आधार पर मधुबन थाना क्षेत्र के धबौलिया गांव में छापेमारी की योजना बनाई गई। डीएसपी कुमार चंदन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने वहां कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सदस्यों को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की निशानदेही पर मोतिहारी और शिवहर जिले के कई अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की गई, जहां से चोरी की मोटरसाइकिलों और अन्य आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी हुई।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साहेब कुमार उर्फ विक्की राज और रोहित कुमार निवासी धबौलिया मधुबन, दीपक कुमार निवासी उकनी शिवहर, नीरज कुमार निवासी कोठिया हरीराम मेहसी तथा सत्येंद्र महतो निवासी नया गांव पहाड़पुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ये सभी आरोपी लंबे समय से वाहन चोरी और अवैध कारोबार में सक्रिय थे।
बरामद की गई मोटरसाइकिलों में कई लोकप्रिय और महंगे मॉडल शामिल हैं। पुलिस ने रॉयल एनफील्ड, अपाचे, ग्लैमर, सुपर स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स जैसी 14 बाइक जब्त की हैं। इसके अलावा अलग-अलग नाम और नंबर पर बनाए गए आठ फर्जी स्मार्ट कार्ड, इंजन और चेसिस नंबर बदलने के लिए इस्तेमाल होने वाले पंचिंग टूल तथा वाहनों की खरीद-बिक्री से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह की गतिविधियां लंबे समय से जिले के लिए चुनौती बनी हुई थीं। गिरफ्तारी के बाद अब पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि इससे जुड़े अन्य लोगों को भी पकड़ा जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
इस पूरे अभियान में पकड़ीदयाल डीएसपी कुमार चंदन के साथ प्रशिक्षु डीएसपी प्रियंका कुमारी, मधुबन थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पाण्डेय, अपर थानाध्यक्ष अमरजीत कुमार, मेहसी थानाध्यक्ष सानू गौरव, पहाड़पुर थानाध्यक्ष अजय कुमार तथा जिला आसूचना इकाई की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया और चोरी की गाड़ियों के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट की।
आगे की खबरों के लिए आप हमारी वेबसाइट पर बने रहें…
