June 13, 2026

खबरी चिरईया

नजर हर खबर पर

फुलवारीशरीफ मामले में NIA ने 18वें आरोपी को किया गिरफ्तार, दुबई से लौटते ही दबोचा

NIA

NIA

Advertisements
Panchayat Voice

पूर्वी चंपारण के निवासी मोहम्मद सज्जाद आलम पर PFI के लिए अवैध फंडिंग का आरोप

Khabari Chiraiya Desk : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार को फुलवारीशरीफ PFI मामले में 18वें आरोपी मोहम्मद सज्जाद आलम को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर दुबई से लौटते ही गिरफ्तार किया गया। मोहम्मद सज्जाद आलम बिहार के पूर्वी चंपारण जिले का निवासी है और प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का प्रशिक्षित कैडर बताया जा रहा है।

NIA की विशेष अदालत, पटना द्वारा सज्जाद आलम के खिलाफ पहले से ही गिरफ्तारी वारंट और लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। उसकी गिरफ्तारी को PFI की भारत में गैरकानूनी गतिविधियों और आतंक फैलाने की साजिश के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

Advertisements
Panchayat Voice

क्या हैं आरोप?

NIA की जांच में यह खुलासा हुआ कि सज्जाद आलम दुबई से अवैध फंडिंग के जरिए बिहार, कर्नाटक और केरल स्थित PFI कैडरों के लिए धनराशि पहुंचाने में शामिल था। इस धन का उपयोग संगठन की आपराधिक और गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया गया। NIA का दावा है कि ये गतिविधियां भारत में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा थीं।

फुलवारीशरीफ मामला

यह मामला जुलाई 2022 में फुलवारीशरीफ पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था, जिसमें PFI के सदस्यों पर आतंक और सांप्रदायिक तनाव फैलाने का आरोप लगाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी संगठन के ‘इंडिया 2047 टुवर्ड्स रूल ऑफ इस्लाम इन इंडिया’ नामक गुप्त दस्तावेज़ के माध्यम से इस्लामी शासन स्थापित करने की योजना बना रहे थे। इस दस्तावेज़ में हिंसा और अस्थिरता का सहारा लेने का उल्लेख किया गया था।

NIA की अब तक की कार्रवाई

NIA ने इस मामले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद 17 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। अब मोहम्मद सज्जाद आलम की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में 18 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। NIA के अनुसार, संगठन की गतिविधियां भारत में अस्थिरता फैलाने और धार्मिक तनाव बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित थीं। यह गिरफ्तारी NIA की आतंकवाद और देशविरोधी गतिविधियों के खिलाफ लगातार चल रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा है।

यह भी पढ़ें…

आगे की खबरों के लिए आप हमारी वेबसाइट पर बने रहें…

error: Content is protected !!