March 28, 2026

खबरी चिरईया

नजर हर खबर पर

नई दिल्ली : कार्यस्थल सुरक्षा पर जल संसाधन मंत्रालय की संवेदनशील पहल

  • यौन उत्पीड़न रोकथाम की कानूनी प्रक्रिया, अधिकारों और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा हुई

Khabari Chiraiya Desk: जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने कार्यस्थलों को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और लिंग-संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। विभाग ने यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम पर जागरूकता और ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें न सिर्फ कानूनी प्रक्रियाओं पर जानकारी दी गई, बल्कि कार्यस्थल की संस्कृति को अधिक संवेदनशील बनाने पर भी जोर दिया गया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के आर्थिक सलाहकार और आंतरिक शिकायत समिति के अध्यक्ष ने की। अधिवक्ता तथा आईसीसी की बाहरी सदस्य जानवी सतपाल बब्बर ने पॉश अधिनियम 2013 के प्रावधानों, नियमों और व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार को रोकने के लिए इस कानून को कैसे लागू किया जाता है और इसकी शिकायत प्रक्रिया किस तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाई गई है।

Advertisements
Panchayat Voice

कार्यक्रम का मूल उद्देश्य कर्मचारियों को कानूनी अधिकारों और संरक्षण उपायों की जानकारी देना था। इसके साथ-साथ विभाग ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कार्यस्थल पर सम्मान, समान अवसर और गरिमा की संस्कृति को बढ़ावा मिले। अधिकारियों ने कहा कि पॉश अधिनियम केवल शिकायत निवारण का साधन नहीं, बल्कि एक ऐसा ढांचा है जो हर कर्मचारी के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में जिम्मेदारी तय करता है।

यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013, सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक विशाखा फैसले के अनुरूप बनाया गया था। यह कानून नियोक्ताओं पर स्पष्ट जिम्मेदारियां तय करता है, दस या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति की स्थापना को अनिवार्य करता है और यौन उत्पीड़न की रोकथाम, प्रतिबंध और निवारण के लिए एक स्पष्ट प्रक्रिया बताता है।

विभाग ने स्पष्ट किया कि जागरूकता, संवेदीकरण और क्षमता-निर्माण जैसे सक्रिय उपाय भी उतने ही जरूरी हैं जितनी कि शिकायत प्रणाली। कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों में यह संदेश दिया गया कि एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और संवेदनशील कार्य वातावरण केवल कानून से नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास और जागरूकता से बनता है।

आगे की खबरों के लिए आप हमारी वेबसाइट पर बने रहें…

error: Content is protected !!