August 14, 2026

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भारत ओमान साझेदारी को नई दिशा

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  • ओमान में भारतीय समुदाय को प्रधानमंत्री मोदी का प्रेरक संदेश। भारतीय स्कूलों के 50 वर्ष पूरे होने पर बधाई

Khabari Chiraiya Desk : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओमान की राजधानी मस्कट में भारतीय समुदाय के एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक मजबूती और वैश्विक भूमिका पर विस्तार से बात की। इस कार्यक्रम में 700 से अधिक भारतीय स्कूलों के छात्र भी शामिल थे। यह अवसर खास इसलिए भी रहा क्योंकि ओमान में भारतीय विद्यालय अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने भारत में रह रहे परिवारजनों और मित्रों की ओर से प्रवासी भारतीयों को शुभकामनाएं दीं और उनके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ओमान में भारत के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों से मिलना उनके लिए खुशी का विषय है। विविधता को भारतीय संस्कृति की ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि यही मूल्य भारतीयों को दुनिया के किसी भी कोने में आसानी से घुलने मिलने की क्षमता देता है।

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भारत और ओमान के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मांडवी से मस्कट तक सदियों पुराने रिश्तों को आज प्रवासी भारतीय अपने परिश्रम और एकजुटता से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने ‘भारत को जानिए’ क्विज़ में बड़ी भागीदारी की सराहना की और भारतीय स्कूलों के 50 वर्ष पूरे होने को ज्ञान आधारित साझेदारी का प्रतीक बताया। साथ ही समुदाय के कल्याण के लिए ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के सहयोग के प्रति आभार जताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के तेजी से बदलते विकास परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हालिया तिमाही में 8 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि देश की मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने बीते 11 वर्षों में बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, हरित विकास और महिला सशक्तिकरण में आए व्यापक बदलावों को रेखांकित किया। उनका कहना था कि भारत नवाचार, स्टार्टअप और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के जरिए 21वीं सदी के लिए खुद को तैयार कर रहा है।

डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की यूपीआई प्रणाली आज वैश्विक डिजिटल भुगतान का लगभग आधा हिस्सा संभाल रही है, जो गर्व की बात है। उन्होंने चंद्रमा पर सफल लैंडिंग से लेकर प्रस्तावित गगनयान मानव मिशन तक अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख किया और बताया कि अंतरिक्ष सहयोग भारत और ओमान की साझेदारी का अहम हिस्सा बन रहा है। छात्रों को इसरो के युविका कार्यक्रम से जुड़ने का भी उन्होंने आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा कि भारत केवल एक बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर समाधान देने वाला देश बन चुका है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जब भी और जहां भी जरूरत होती है, भारत अपने नागरिकों के साथ खड़ा रहता है।

अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ओमान साझेदारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भविष्य की ओर बढ़ रही है। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, गहराई से सीखने और साहसिक नवाचार के जरिए मानवता के लिए सार्थक योगदान देने का आह्वान किया।

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