बिहार : पूर्वी चंपारण में पुलिस मित्र भर्ती के नाम पर संगठित ठगी का पर्दाफाश
- चिरैया क्षेत्र से स्वयंभू प्रदेश अध्यक्ष पकड़ा गया, थानों में बांटे गए फर्जी आईडी कार्ड, विशेष जांच दल की कार्रवाई तेज
Khabari Chiraiya Desk: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस मित्र भर्ती के नाम पर चल रहे एक सुनियोजित ठगी नेटवर्क का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने तुरंत सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी क्रम में चिरैया क्षेत्र से उस व्यक्ति को पकड़ा गया जो खुद को पुलिस मित्र का प्रदेश अध्यक्ष बताकर गतिविधियां चला रहा था। उसके पास से बोर्ड लगा एक वाहन भी बरामद किया गया, जिससे पूरे नेटवर्क की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि बेरोजगार युवाओं को सरकारी सहयोगी पद दिलाने का भरोसा देकर उनसे बड़ी रकम वसूली गई। युवाओं को यह विश्वास दिलाया गया कि उन्हें पुलिस मित्र के रूप में मानदेय पर नियुक्त किया जाएगा और भविष्य में स्थायी अवसर भी मिल सकते हैं। कथित तौर पर मुजफ्फरपुर में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जहां बाकायदा सरकारी प्रक्रिया जैसा माहौल तैयार किया गया। प्रशिक्षण के दौरान वर्दी, पहचान पत्र और ड्यूटी संबंधी निर्देशों का दिखावा किया गया ताकि युवाओं को पूरी प्रक्रिया वैध लगे।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि प्रशिक्षण के बाद कुछ युवाओं को अलग-अलग थानों में बुलाकर पहचान पत्र बांटे गए और स्थानीय रजिस्टर में प्रविष्टि कराई गई। इस तरह की गतिविधियां थानों के भीतर होने की सूचना ने मामले को और गंभीर बना दिया है। आरोप है कि प्रति व्यक्ति 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की राशि ली गई। कुछ युवाओं को 20 हजार रुपये मासिक मानदेय का भरोसा भी दिया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक 41 युवाओं की पहचान की गई है जो इस जाल में फंसे, हालांकि आशंका है कि संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डिजिटल भुगतान के माध्यम से हुए लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने एक प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया है। टीम में साइबर विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं ताकि मोबाइल डेटा, बैंक लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा सके। जिन थाना क्षेत्रों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। यदि किसी भी स्तर पर संलिप्तता पाई जाती है तो कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। आधी रात तक चली छापेमारी में कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच दल अब इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह गतिविधि किस स्तर तक फैली हुई थी।
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