June 10, 2026

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बंधुआ श्रमिकों के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तर प्रदेश

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श्रम मंत्री अनिल राजभर ने गिनाईं 100 दिन की उपलब्धियां, 25 हजार युवाओं को मिला रोज़गार

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर गुरुवार को लोकभवन में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से जो योजना बनाई गई थीं, उन सभी लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। श्रम मंत्री कहा कि 100 दिन के कार्ययोजना के अन्तर्गत किए गए कार्याें में मुख्य रूप से सेवायोजन निदेशालय की ओर से 90 रोजगार मेलों के माध्यम से 25 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिया गया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान श्रम मंत्री ने कहा कि रोजगार के साथ ही 600 कॅरियर काउन्सिलिंग कार्यक्रम के माध्यम से 50 हजार प्रतिभागियों को काउन्सिलिंग प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कारखानों में रात्रि की पाली में महिलाओं के लिए समान नीति तैयार की गई है, जिससे कामकाजी महिलाओं को और अधिक स्वावलम्बी एवं समर्थ बनाने में मदद मिलेगी। रात्रि पाली में महिलाओं के नियोजन हेतु नियोजकों द्वारा विभिन्न सुविधाओं एवं सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है।

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श्रम मंत्री ने कहा कि इसके साथ ही छोटे दुकानदारों को पंजीकरण व अन्य सभी दुकानदारों को नवीनीकरण से मुक्त किया जाना है। इसके अलावा सेवायोजन निदेशालय के अन्तर्गत रोजगार मेलों का आयोजन, कॅरियर काउन्सिलिंग तथा राज्य कर्मचारी बीमा योजना के अन्तर्गत चिकित्सालयों/औषाधालयों पर विशेष स्वास्थ्य कैम्पों का आयोजन किया गया है।

श्रम मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बंधुआ श्रमिकों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए बंधुआ श्रम से सम्बन्धित समस्त कार्यवाहियों को ऑनलाइन कर दिया गया है। जिससे श्रमिकों के कल्याणार्थ कार्य कर रही विभिन्न संस्थायें बंधुआ श्रमिकों के सम्बन्ध में ऑनलाइन शिकायत कर सकती हैं। इस ऑनलाइन व्यवस्था के अन्तर्गत ऑनलाइन फार्म भरकर अथवा दूरभाष पर भी शिकायत की जा सकती है। इस व्यवस्था से अन्य प्रदेशों में यूपी के मूल निवासी श्रमिक, जो कभी-कभी बंधुआ की स्थिति में फंस जाते है, उनको भी बंधुआ श्रमिक के रूप में अवमुक्त कराकर समय से उनका पुनर्वास कराने में सहयोग मिलेगा। इस प्रकार का ऑनलाइन पोर्टल बनाने वाला देश में प्रथम राज्य है। अतः यह प्रणाली अन्य राज्यों के लिये एक उदाहरण स्वरूप होगी।

बाल श्रम के सम्बन्ध में श्रम मंत्री ने बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार यूपी देश में कामकाजी बच्चों की संख्या की दृष्टि से प्रथम स्थान पर था। अतः वर्तमान सरकार ने यह निर्णय लिया है कि आगामी 05 वर्षाें में प्रदेश को बाल श्रम जैसी कुप्रथा से मुक्त कराया जाना है। इसके दृष्टिगत नया सवेरा योजना के अन्तर्गत आच्छादित 20 जिलों में कामकाजी बच्चों को कार्य से अवमुक्त कराकर उनको विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है साथ ही उनके परिवारजनों को सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाभन्वित किया जा रहा है।

श्रम मंत्री ने आगे बताया कि इसी क्रम में 100 दिवसीय कार्ययोजना के अन्तर्गत 200 हॉट-स्पॉट (ग्राम पंचायतों/शहरी वार्डाें) को बाल श्रम मुक्त घोषित कराया जाना था, जिसके सापेक्ष दिनांक 12 जून, 2022 अन्तर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर 275 हॉट-स्पाट (179 ग्राम पंचायतों 96 शहरी वार्ड) को बाल श्रम मुक्त घोषित कराया गया है। इस अवसर पर इस कार्य में सहयोग हेतु सम्बन्धित ग्राम प्रधानों व  वार्ड पार्षदों को भी प्रोत्साहित व सम्मानित किया गया है।

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