February 7, 2026

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यूपी : अब सामूहिक विवाह में मौके पर ही होगा पंजीकरण और दिया जाएगा प्रमाण पत्र : असीम अरुण

सूबे के समाज कल्याण, अनुसूचित एवं जाति जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने पेश किया सरकार के 100 दिन का रिपोर्ट कॉर्ड, कहा-57 जिलों में शुरू हुआ मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग का संचालन, 500 मेधावी छात्रों के लिए हुई 30 करोड़ की व्यवस्था, विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत हो रहा काम

यूपी के समाज कल्याण, अनुसूचित एवं जाति जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम किया जा रहा है। भ्रष्टाचार की संभावनाएं अगर सांस भर भी कहीं बची हैं, तो उसे दूर किया जाएगा। अब जहां भी सामूहिक विवाह होगा, वहीं मौके पर ही विवाह का पंजीकरण किया जाएगा और प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

सरकार के सौ दिन पूरे होने पर समाज कल्याण मंत्री ने लोकभवन में विभाग की उपलब्धियों को बताते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को उनके ज़िला मुख्यालय पर ही मुफ़्त कोचिंग की सुविधा समाज कल्याण विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। 100 दिनों में 57 जिलों में अभ्युदय कोचिंग का संचालन किया गया है। विभाग का इस बात पर फ़ोकस है कि ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से परीक्षार्थियों को उनके घर पर ही उच्चकोटि का टीचिंग मैटेरियल उपलब्ध कराया जा सके, ताकि समाज के हर वर्ग से छात्र-छात्राएं अपने सपनों को पूरा कर सकें।

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उन्होंने कहा कि विभाग ने पहले 100 दिन के लिए अनुसूचित जाति के 500 मेधावी छात्रों को संपूर्ण शिक्षण शुल्क, मेस और छात्रावास के खर्च के लिए 30 करोड़ की व्यवस्था, छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिप्यूट की राष्ट्रीय स्तर की 250 और उत्तर प्रदेश की उत्कृष्ट संस्थाओं के चिह्निकरण का लक्ष्य तय किया था। इस संबंध में प्रस्ताव और आदेश तैयार हो चुका है।

मंत्री ने बताया कि समाज कल्याण निदेशालय में एक कांटैक्ट सेंटर स्थापित किया जा रहा है। योजनाओं के लाभार्थी या आवेदकों को कोई समस्या आती है तो यहां सीधे फोन, ईमेल या अन्य माध्यमों से सम्पर्क कर सकते हैं। कांटैक्ट सेंटर से सहायता लेने वालों की समस्याओं का निराकरण या सही सलाह दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग की योजनाएं वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति आदि योजनाओं में प्रयोगकर्ता के काम को आसान करने के लिए आईटी सेल का गठन किया गया है, जो प्रयोगकर्ताओं से लगातार फ़ीडबैक लेकर वेबसाइट को सुधारेगी। भ्रष्टाचार की सम्भावनाओं को समाप्त करने के लिए डीबीटी, आईटी और आधार लिंकिंग जैसी व्यवस्थाओं को प्रयोग किया गया है। भविष्य में इनका प्रयोग और बढ़ाया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश किन्नर कल्याण बोर्ड उभयलिंगी समुदाय के वरिष्ठों के लिए वृद्धाश्रम की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष विभाग की ओर से संचालित वृद्धाश्रमों में किन्नरों को प्रवेश देने के लिए 13 जून को आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है।

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