May 9, 2026

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देवरिया : “छात्र संस्कार यादव हत्याकांड”… न अपहरण और न ही फिरौती की डिमांड, पबजी गेम ने बनाया हत्यारा

गणेश धर द्विवेदी की रिपोर्ट

यूपी : देवरिया में 6 वर्षीय छात्र संस्कार यादव हत्याकांड का खुलासा हो गया है। संस्कार का न ही अपहरण किया गया था और न ही फिरौती मांगने जैसी कोई बात निकली। हत्याकांड के खुलासे के बाद जो सच्चाई सामने आई, वह हैरान करने वाली है। 18 साल की उम्र वाले लड़के ने ऐसा प्लार्ट मर्डर किया कि सच्चाई सुनने के बाद पुलिस भी हैरान हो गई।

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18 वर्षीय अरुण शर्मा ने अपने दादा-दादी को फंसाकर रास्ते से हटाने के लिए छात्र संस्कार का मर्डर करने की प्लानिंग कर ली और बढ़े ही शातिराना अंदाज में उसकी हत्या भी कर दी। अरुण शर्मा अपने दादा-दादी को इसलिए फंसाना चाहता था कि उसके दादा-दादी उसे पबजी गेम खेलने से मना करते थे और इसके लिए उसे डांट भी पड़ती थी।

अरुण के दादा पेशे से शिक्षक हैं और घर पर बच्चों को कोचिंग पढ़ाते हैं। इन्हीं से पढ़ने के लिए संस्कार और संस्कार की बहन दोनों कोचिंग में आते थे। बुधवार को कोचिंग पढ़ने संस्कार अकेले ही घर से निकला था उसकी बहन साथ में नहीं आई थी। संस्कार कोचिंग के लिए आ रहा था कि रास्ते में अरुण मिल गया। उसे लेकर दुकान पर गया वहां फेबीक्वीक खरीदा और उसके मुंह पर चिपका दिया, ताकि वह शोर न मचा सके। इसके बाद अपने घर यानी कोचिंग के सामने बने शौचालय में ले जाकर गला दबा कर संस्कार की हत्या कर दी। शैचालय को बाहर से बंद वापस घर लौट आया।

“शिक्षक के घर छात्र पढ़ता था। शिक्षक का नाती अरुण शर्मा ने ही हत्या कर शव को शौचालय में छिपाया था। पुलिस की तहकीकात और पहलुओं पर चल रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी” -संकल्प शर्मा, एसपी, देवरिया

संस्कार की बहन जब कोचिंग गई तब पता चला कि संस्कार पढ़ने नहीं पहुंचा

बाद में संस्कार की बहन जब पढ़ने के लिए शिक्षक के घर यानी कोचिंग पहुंची तो वहां संस्कार को नहीं देखकर पूछा तो शिक्षक नरसिंह शर्मा (दादा) ने बताया कि संस्कार आज पढ़ने नहीं आया। बहन जब घर गई तो, घरवालों को संस्कार के कोचिंग नहीं जाने की खबर दी। इसके बाद घरवाले कोचिंग पहुंचे तो वहां उन्हें वहीं जवाब मिला। खोजबीन करने के दौरान ही फिरौती वाली चिठ्‌ठी मिल गई। इससे लोग यह मान बैठे की संस्कार का अपहरण हो गया। संस्कार जनपद के लार थाना क्षेत्र के हरखौली निवासी गोरख यादव का इकलौता पुत्र था। संस्कार तीन बहनों का इकलौता भाई था।

अरुण ने पूरे मामले से ऐसे सबको किया गुमराह  

पूरे मामले से सबको गुमराह करने के लिए अरुण ने 5 लाख रुपए की डिमांड वाली चिठ्‌ठी लिखी और उसे रास्ते के खेत के पास टिका दिया कि आसानी से लोगों की नजर उस चिठ्‌ठी पर पड़ जाए और चिठ्‌ठी पाकर लोग यह समझ लें कि संस्कार का अपहरण हो गया है। हुआ भी वैसा ही, जैसा उसने प्लान किया था। बुधवार को चिठ्‌ठी मिलने के बाद एक बार सभी अपहरण की घटना मान बैठे। उस चिठ्‌ठी के बाद पुलिस पहुंची, पुलिस की तहकीकात शुरू हुई। मीडिया में अपहरण और फिरौती मांगने खबरें छपीं और वायरल भी हुईं। एकाएक गुरुवार की सुबह छात्र संस्कार के शव मिलने की खबर आई। फिर इसके बाद मीडिया में हत्या की खबरें चलने लगीं।

जानें कैसे खुला कथित अपहरण और हत्या का राज…

छात्र के अपहरण की खबर पर बुधवार की देर रात एसपी संकल्प शर्मा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तहकीकातशुरू की। पुलिस ने शक के आधार शिक्षक नरसिंह शर्मा (दादा) के नाती अरुण शर्मा दादा को हिरासत में ले लिया। फिर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ शुरू की। अंतत: अरुण ने अहले सुबह पुलिस को सच्चाई बता दी। हत्या के कारणों के बारे में जानकर पुलिस भी दंग रह गई। अरुण को लेकर पुलिस उसके गांव पहुंची और शौचालय से संस्कार का शव बरामद किया।

जानें अरुण ने पुलिस के सामने क्या बताया, जिसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई…

पुलिस की पूछताछ में 18 वर्षीय अरुण शर्मा ने बताया कि वह पबजी खेलने का आदी था। पबजी खेलने को लेकर दादा-दादी हमेशा डांटते थे। इससे परेशान होकर दोनों को फंसाने के लिए संस्कार की हत्या की, ताकि दोनों को जेल हो जाए और उसे पबजी खेलने से कोई रोकने वाला न रहे। उसने बताया कि बुधवार को संस्कार यादव कोचिंग के लिए आ रहा था, रास्ते में वह मिल गया। उसे लेकर दुकान पर जाकर फेविकक्वीक खरीदा और उसके मुंह पर चिपका दिया, ताकि वह शोर न मचा सके। इसके बाद घर के समीप शौचालय में ले जाकर गला दबा कर उसकी हत्या कर दी।

इसे भी जानें : ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले आरोपी नाराज होकर रेलवे लाइन पर चला गया था। बाद में उसे समझा बुझाकर घर वाले वापस उसे घर आए लाए थे।

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