फिल्मी पर्दे का चमकता सितारा धर्मेंद्र दुनिया से रुखसत
- शोक में डूबा परिवार, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सहित देशभर ने उनके युगांतकारी योगदान को याद किया
Khabari Chiraiya Desk: पर्दे पर कभी शेर की तरह दहाड़ने वाले, कभी मासूम प्रेमी की तरह दिल जीतने वाले और कभी हंसी में अपनी मासूमियत घोल देने वाले बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र आज ज़िंदगी की लास्ट रील में हम सबको रोता छोड़कर चले गए। एक ऐसा नायक, जिसकी फिल्मों ने पीढ़ियों को गढ़ा, जिसकी मुस्कान ने करोड़ों दिलों को धड़काया और जिसकी मौजूदगी ने बॉलीवुड को स्वर्णिम दौर दिया, आज हमेशा के लिए परदे से ओझल हो गया।
जी हां, मुंबई से आई दुखद खबर ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। हिंदी सिनेमा के महानायक धर्मेंद्र का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पिछले कई दिनों से उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा था। हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज मिलने के बाद वे घर पर ही इलाज ले रहे थे, लेकिन आज सुबह उनकी हालत अचानक नाजुक हुई और उन्होंने अंतिम सांस ले ली।

धर्मेंद्र के घर के बाहर भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई है। उनकी बेटी ईशा देओल भावुक होकर घर पहुंचीं। दोपहर में जब पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, उस समय पूरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। देशभर से श्रद्धांजलि देने का सिलसिला लगातार जारी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि धर्मेंद्र का निधन भारतीय फिल्मों के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके अनुसार, धर्मेंद्र ने दशकों तक दर्शकों को यादगार किरदारों के साथ मंत्रमुग्ध किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिखा कि धर्मेंद्र का जाना भारतीय सिनेमा के एक स्वर्णिम युग का अंत है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र अपने हर किरदार में जो गहराई और आकर्षण लाते थे, वह उन्हें असाधारण बनाता था। गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें वह कलाकार बताया जिसने साधारण परिवार से उठकर दुनिया के दिलों पर राज किया। उन्होंने परिवार को संवेदना देते हुए कहा कि ईश्वर धर्मेंद्र की आत्मा को शांति प्रदान करे।कांग्रेसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कहा कि भारत ने आज अपना अमूल्य फिल्म कलाकार खो दिया है।
धर्मेंद्र की फिल्मी यात्रा किसी किंवदंती से कम नहीं थी। 1960 में आई उनकी पहली फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे से शुरुआत हुई और फिर उन्होंने एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दीं। फूल और पत्थर, आए दिन बहार के, यादों की बारात, धरम वीर, चुपके-चुपके और सबसे बढ़कर शोले ने उन्हें अमर कर दिया। उनकी कल्ट क्लासिक फिल्म शोले को 12 दिसंबर को दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था। इसी बीच उनकी नई फिल्म इक्कीस का पोस्टर भी आज सुबह जारी हुआ था, जिसमें धर्मेंद्र बेहद भावुक नजर आ रहे थे। यह संयोग प्रशंसकों के लिए और भी दर्द भरा बन गया।
65 साल के करियर में 300 से ज्यादा फिल्में करने वाले धर्मेंद्र ने जिस सरलता, जिस साफदिल इंसानियत और जिस दमदार अभिनय से लोगों का दिल जीता, वह आने वाले समय में बार-बार याद किया जाएगा। ही-मैन अब इस दुनिया में भले नहीं हैं, लेकिन भारतीय सिनेमा उनके बिना कभी पूरा नहीं होगा।
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