इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मेलन में विरोध-प्रदर्शन पर बवाल
- शर्ट उतारकर नारेबाज़ी करने वालों को पुलिस ने हिरासत में लिया। घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं
Khabari Chiraiya Desk: राजधानी में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मेलन के दौरान शुक्रवार को उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया जब कुछ युवकों ने कार्यक्रम स्थल के भीतर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस तकनीकी आयोजन के बीच हुई घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि इसे लेकर सियासी घमासान भी तेज हो गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रदर्शन में शामिल युवकों ने अचानक अपने कपड़े उतारकर नारेबाज़ी शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ भी आवाज़ उठाई और कुछ समय तक कार्यक्रम स्थल पर हंगामा जारी रहा। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और संबंधित व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार लगभग दस लोग खुद को एक राजनीतिक युवा संगठन से जुड़ा बता रहे थे। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत चार से पांच लोगों को मौके से हिरासत में लिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रदर्शन में शामिल लोग क्यूआर कोड आधारित प्रवेश पास का उपयोग कर सम्मेलन स्थल तक पहुंचे थे। अब इस बात की जांच की जा रही है कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद वे अंदर कैसे पहुंचे।
हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को पूछताछ के लिए तिलक मार्ग थाने ले जाया गया है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि नियमों के उल्लंघन और कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न करने के आरोप में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विरोध प्रदर्शन के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले की जांच जारी है।
इस बीच राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को लेकर तीखी नाराज़गी जताई है। पार्टी के आईटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित मालवीय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अंग्रेज़ी में पोस्ट करते हुए इसे राष्ट्रीय शर्म बताया। उन्होंने लिखा कि जब भारत एक प्रतिष्ठित वैश्विक एआई सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है और तकनीकी नवाचार का प्रदर्शन कर रहा है, तब इस तरह का व्यवधान देश की छवि को ठेस पहुंचाता है।
अपने पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा इस तरह का व्यवहार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को शर्मिंदा करने की कोशिश है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन देश की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।
वहीं, विपक्ष की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधों और राजनीतिक विरोध की सीमाओं पर बहस को जन्म दे दिया।
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