February 22, 2026

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सभी विभाग कार्यालयों का काम मातृभाषा में करने को प्राथमिकता दें डिप्टी कमिश्नर

मातृभाषा
  • जिला भाषा कार्यालय मानसा ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर भाषण कार्यक्रम आयोजित किया

Khabari Chiraiya Desk : जिला भाषा अधिकारी, मानसा ने आज यूथ लाइब्रेरी अंबेडकर भवन, मानसा में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को समर्पित एक समारोह के दौरान मातृभाषा पंजाबी पर भाषण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसकी अध्यक्षता डिप्टी कमिश्नर मानसा श्रीमती नवजोत कौर आईएएस ने की।

डिप्टी कमिश्नर श्रीमती नवजोत कौर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में सभी कार्यालयों द्वारा अपना कार्य मातृभाषा पंजाबी में करने की आवश्यकता को प्राथमिकता देने पर बल दिया और भाषा विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि मातृभाषा ही ऐसी भाषा है जिसे सीखने के लिए हमें विशेष प्रयास नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि हमें अन्य भाषाएं भी सीखनी और बोलनी चाहिए, लेकिन अपनी मातृभाषा से अनजान नहीं रहना चाहिए।

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एसडीएम मानसा श्री काला राम कांसल ने कहा कि मातृभाषा में पारंगत होने से ही हम अन्य भाषाओं को अच्छी तरह सीख सकते हैं। आज जब हम बच्चों को एक ही समय में विभिन्न भाषाओं से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, तो वे किसी एक भाषा में दक्ष नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाषा रोजगार की भी भाषा है।

समारोह में गुरु काशी विश्वविद्यालय तलवंडी साबो के मानविकी एवं भाषा विभाग की प्रमुख डॉ. गुरप्रीत कौर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थीं और अकाल विश्वविद्यालय तलवंडी साबो के सहायक प्रोफेसर डॉ. सोमी राम मुख्य वक्ता थे। जिला भाषा अधिकारी मानसा तेजिंदर कौर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए पंजाबी भाषा के अनिवार्य उपयोग पर बल दिया। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों और राज्य भाषा अधिनियमों के बारे में जानकारी दी।

मुख्य वक्ता डॉ. सोमी राम ने अपने भाषण में मातृभाषा की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर है। भाषा के समाप्त होने से न केवल भाषा समाप्त होती है, बल्कि उस क्षेत्र की संस्कृति, सपने, स्मृतियां, गतिविधियां और पेशे भी समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मातृभाषा बोलने में शर्म महसूस करने के बजाय उसका सम्मान करना चाहिए।
कार्यक्रम के अवसर पर विभाग द्वारा बहुमूल्य विभागीय साहित्य की पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई।

जिले के विभिन्न विभागों के प्रमुखों के अतिरिक्त कार्यक्रम में अशोक बंसल मानसा, दर्शन जोगा, बलविंदर धालीवाल, लखविंदर मूसा, पराग राज, बिकर मघानी, पवन श्रीधर, परमजीत कौर तथा पुस्तकालय में परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी भी उपस्थित थे।

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