February 22, 2026

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सेवा तीर्थ में एआई नवाचार पर प्रधानमंत्री का मंथन

एआई नवाचार
  • स्वास्थ्य, कृषि, अंतरिक्ष और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स के साथ हुई विस्तृत चर्चा

Khabari Chiraiya Desk: भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और गहन प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रभाव के बीच प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ में देश के प्रमुख एआई और डीपटेक स्टार्टअप्स के नेतृत्वकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण गोलमेज बैठक की। इस बैठक को भारत के उभरते तकनीकी भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है। नवाचार, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व के लक्ष्य के साथ आयोजित यह संवाद देश की तकनीकी क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।

बैठक में 16 प्रमुख स्टार्टअप्स के सीईओ और संस्थापक शामिल हुए, जो स्वास्थ्य सेवा, कृषि, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे विविध क्षेत्रों में कार्यरत हैं। इन स्टार्टअप्स ने अपने कार्यों और तकनीकी समाधानों की प्रस्तुति दी। स्वास्थ्य क्षेत्र में उन्नत निदान, जीन आधारित उपचार और रोगी रिकॉर्ड प्रबंधन में एआई के उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्देश्य यह है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें।

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कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप्स भू-स्थानिक विश्लेषण और उन्नत तकनीक के माध्यम से फसल उत्पादकता बढ़ाने और जलवायु जोखिमों के प्रबंधन पर काम कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए मृदा स्वास्थ्य की निगरानी और उर्वरक के संतुलित उपयोग जैसे उपायों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि तकनीक का उपयोग केवल नवाचार तक सीमित न रहे, बल्कि किसानों और आम नागरिकों के जीवन में ठोस परिवर्तन लाए।

बैठक में साइबर सुरक्षा और नैतिक एआई के महत्व को भी रेखांकित किया गया। डिजिटल युग में गलत सूचनाओं और डेटा सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत डेटा प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकता पर प्रधानमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की आवश्यकताओं और सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए समाधान विकसित किए जाने चाहिए।

प्रधानमंत्री ने मातृभाषा में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एआई आधारित उपकरणों के विस्तार का आह्वान किया। उनका मानना है कि यदि तकनीक भारतीय भाषाओं में सुलभ होगी तो शिक्षा और ज्ञान का लोकतंत्रीकरण संभव होगा। उन्होंने डिजिटल भुगतान प्रणाली को सरल और विस्तार योग्य नवाचार का उदाहरण बताते हुए भारतीय कंपनियों को घरेलू उत्पादों पर भरोसा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भारत में एआई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक एआई नवाचार के केंद्र के रूप में उभर रहा है और यहां का वातावरण निवेश और अनुसंधान के लिए अनुकूल होता जा रहा है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की भी प्रशंसा करते हुए उन्होंने इसे वैश्विक चर्चाओं को दिशा देने वाला मंच बताया।

प्रधानमंत्री ने नवप्रवर्तकों को साहसिक कदम उठाने और प्रभावशाली समाधान विकसित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की और भारतीय स्टार्टअप्स में बढ़ती निवेशक रुचि को सकारात्मक संकेत बताया।
इस गोलमेज बैठक में एब्रिज, अदालत एआई, ब्रेनसाइटएआई, क्रेडो एआई, एका केयर, ग्लीन, इनोगल, इनवीडियो, माइको, ओरिजिन, प्रोफेज़, रासेन, रूब्रिक, सैटश्योर, सुपरनोवा और साइफा एआई के प्रमुख शामिल रहे। साथ ही प्रधान सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

यह बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता और गहन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, और सरकार नवाचार को जनहित से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

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