बजट सत्र में कानून व्यवस्था पर तीखा टकराव
- फरवरी में दुष्कर्म की 34 से अधिक घटनाओं का दावा, विपक्ष का सरकार पर सीधा हमला
Khabari Chiraiya Desk : बिहार विधानमंडल के बजट सत्र में कानून व्यवस्था का मुद्दा बेहद तीखे अंदाज़ में उठा। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने दावा किया कि फरवरी महीने में ही राज्य में 34 से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए सरकार से जवाब मांगा कि ऐसी वारदातों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
राबड़ी देवी ने सदन में कहा कि छोटी बच्चियों तक के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं और कई मामलों में हत्या तक की नौबत आ रही है। उन्होंने कहा कि यह घटनाएं किसी एक जिले तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे राज्य में लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर इसे रोकने की प्रभावी रणनीति क्या है और प्रशासनिक जवाबदेही कैसे तय की जाएगी।

इसी क्रम में राजद के एमएलसी सुनील सिंह ने भी दावा किया कि फरवरी महीने में दुष्कर्म की घटनाओं की संख्या 36 से अधिक है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराध रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र की प्राथमिकताएं असंतुलित हैं और गंभीर अपराधों पर सख्ती नहीं दिख रही।
विपक्ष के इन आरोपों के बीच मंत्री सुनील कुमार ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सदन में जो आंकड़े और बातें रखी गई हैं, उनका संज्ञान लिया गया है। सरकार की नीति स्पष्ट है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराध की हर घटना की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा में भी यह मुद्दा गूंजा। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और अपराधियों का मनोबल ऊंचा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है और कानून व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि राज्य की प्रशासनिक संरचना पर पुनर्विचार की जरूरत है और गृह विभाग के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बजट सत्र के दौरान उठी यह बहस संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में कानून व्यवस्था का मुद्दा राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।
यह भी पढ़ें… सभी विभाग कार्यालयों का काम मातृभाषा में करने को प्राथमिकता दें डिप्टी कमिश्नर
यह भी पढ़ें… सेवा तीर्थ में एआई नवाचार पर प्रधानमंत्री का मंथन
यह भी पढ़ें… जब भाषा बनी अधिकार की आवाज
यह भी पढ़ें… आस्था की डगर पर दो हजार किलोमीटर की पदयात्रा
यह भी पढ़ें… प्रसव की पीड़ा और व्यवस्था की विफलता
आगे की खबरों के लिए आप हमारी वेबसाइट पर बने रहें…
