बिहार : अमित शाह की मौजूदगी में नीतीश कुमार ने भरा राज्यसभा का नामांकन
तेजस्वी यादव ने भाजपा पर साधा निशाना कहा भाजपा साथियों को खत्म करती है, जदयू और भाजपा नेताओं ने कहा-बिहार की सेवा का नया अध्याय शुरू होगा
पटना : बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। पटना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी हुई। जैसे ही यह खबर सामने आई, राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई और सत्ता के भविष्य को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गईं।
नीतीश कुमार के इस कदम के बाद विपक्ष ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि नीतीश कुमार छह महीने से अधिक समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं रहेंगे। तेजस्वी यादव का कहना है कि भाजपा जिसके साथ भी रही है, उसे कमजोर करने का काम करती है और अब वही स्थिति बिहार में देखने को मिल रही है।

तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए की ओर से 2025 से 2030 फिर से नीतीश का नारा दिया गया था। उनके अनुसार चुनाव के समय ही उन्होंने कहा था कि भाजपा ने नीतीश कुमार को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है और उन्हें दोबारा स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बिहार में जो सत्ता परिवर्तन की स्थिति बन रही है, वह जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है।
तेजस्वी यादव ने भाजपा पर यह आरोप भी लगाया कि वह सामाजिक न्याय की राजनीति को कमजोर करना चाहती है। उनके मुताबिक भाजपा नहीं चाहती कि राज्य में कोई ऐसा नेता मजबूत हो जो पिछड़े वर्गों, दलितों और वंचित तबकों की आवाज उठाता हो। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसे मुख्यमंत्री को देखना चाहती है जो सिर्फ औपचारिक रूप से पद पर हो। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की सेवा के लिए नीतीश कुमार के योगदान को याद रखा जाएगा और इसके लिए वह उन्हें धन्यवाद देना चाहते हैं।
दूसरी ओर जदयू नेताओं ने इस फैसले को नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर का स्वाभाविक विस्तार बताया है। जदयू नेता के.सी. त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार के राजनीतिक योगदान को किसी एक पद से नहीं आंका जा सकता। उनका कहना है कि नीतीश कुमार ने बिहार को नई दिशा दी है और उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह कर्पूरी ठाकुर और चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत आज भी सम्मान के साथ याद की जाती है, उसी तरह नीतीश कुमार का नाम भी लंबे समय तक भारतीय राजनीति में बना रहेगा।
इधर, बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद अपने संदेश में बताया है कि वह संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनने की इच्छा लंबे समय से रखते थे। लोकसभा और विधानमंडल के दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व करने के बाद अब उनकी यह इच्छा है कि वह राज्यसभा के सदस्य भी बनें। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि बिहार को विकसित बनाने के लिए उनका मार्गदर्शन और सहयोग आगे भी सरकार को मिलता रहेगा।
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