राज्यसभा के साथ बिहार की राजनीति में भी सक्रिय रहेंगे नीतीश
- राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन के बाद नई राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
Khabari Chiraiya Desk : बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं जनता दल यूनाइटेड के नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने शनिवार को पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि नीतीश कुमार का कद किसी एक पद से कहीं बड़ा है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता के प्रति जो जिम्मेदारियां और वादे नीतीश कुमार ने किए हैं, उन्हें वे कभी नहीं भूलेंगे। संजय झा के अनुसार यदि नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य बनते हैं तो भी उनका बिहार से जुड़ाव और सक्रियता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र चलने के दौरान नीतीश कुमार दिल्ली में रहेंगे, लेकिन बाकी समय वह बिहार के राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों पर ध्यान देते रहेंगे।

संजय झा ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य की सरकार आगे भी नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि नई परिस्थिति में भी बिहार सरकार को उनका अनुभव और दिशा मिलती रहेगी। जेडीयू नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ साथ संगठन और सरकार दोनों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
दरअसल नीतीश कुमार ने 5 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। राज्यसभा चुनाव के लिए 16 मार्च को मतदान निर्धारित है। अगले महीने मौजूदा सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए सदस्यों का कार्यकाल शुरू होगा। राज्यसभा के सदस्य बनने के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि मार्च महीने तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं और इसके बाद अप्रैल में बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो राज्य को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। इस संदर्भ में यह संभावना भी व्यक्त की जा रही है कि नई सरकार में मुख्यमंत्री पद भारतीय जनता पार्टी के नेता को मिल सकता है।
इन अटकलों के बीच नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के नेताओं को भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि उनके नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं आएगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित जेडीयू विधानमंडल दल की बैठक में उन्होंने पार्टी के विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों को आश्वस्त किया कि वे पार्टी और बिहार की राजनीति से दूर नहीं जा रहे हैं। उन्होंने नेताओं से कहा कि चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है और आगे भी उनका नेतृत्व और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
बैठक में नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि पार्टी और सरकार से जुड़े सभी काम पहले की तरह चलते रहेंगे। उन्होंने नेताओं से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान दें और राज्य के विकास से जुड़े कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाते रहें। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे खुद भी सभी महत्वपूर्ण मामलों पर नजर बनाए रखेंगे और बिहार के लिए समय निकालते रहेंगे।
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