June 29, 2026

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टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर

केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा

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100-दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान पर केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने की समीक्षा बैठक

नई दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में 100-दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति पर चर्चा की गई। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व की भूमिका निभाने, पंचायतों, विधायकों और समुदायों को अभियान में शामिल करने का अनुरोध किया। श्री नड्डा ने यह भी कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यापक जन भागीदारी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

टीबी मामलों में गिरावट और उपलब्धियां

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भारत में 2015 से 2024 के बीच टीबी के मामलों में 17.7% की गिरावट दर्ज की गई है, जो वैश्विक औसत 8.3% से दोगुनी है। पिछले 10 वर्षों में टीबी से होने वाली मौतों में भी 21.4% की महत्वपूर्ण कमी आई है। केंद्रीय मंत्री ने इस उपलब्धि को राज्यों के प्रभावी प्रयासों और सामुदायिक सहभागिता का परिणाम बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्यों के पास पहले से ही दो महीने की दवाओं का स्टॉक है और केंद्र सरकार इसे बढ़ाकर छह महीने का अग्रिम स्टॉक सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।

अभियान का उद्देश्य और रणनीतियां

इस अभियान का लक्ष्य 347 प्राथमिकता वाले जिलों में व्यापक रोगी-केंद्रित सेवाएं प्रदान करना है। इसमें उन्नत स्क्रीनिंग और नैदानिक तकनीकों के माध्यम से टीबी के मामलों की पहचान बढ़ाने और निदान में देरी को कम करने पर जोर दिया जा रहा है। टीबी रोगियों को विशेष देखभाल और पोषण सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, पंचायतों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने और ग्राम सभाओं के आयोजन को प्राथमिकता दी गई है।

समुदाय और राज्यों की भागीदारी

अभियान में 80,000 से अधिक नि-क्षय शिविरों का आयोजन किया गया है, जहां समुदाय के नेता, गैर-सरकारी संगठन और कॉरपोरेट्स को अभियान में जोड़ा गया है। नि-क्षय मित्र कार्यक्रम के तहत 1.8 लाख मित्रों ने अब तक 8.63 लाख रोगियों को गोद लिया है। बैठक के दौरान, राज्यों के मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में अभियान की प्रगति और अनुभव साझा किए। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने टीबी रोगियों को फूड बास्केट देने की पहल पर जोर दिया, जबकि गुजरात और उत्तर प्रदेश ने स्क्रीनिंग और परीक्षण सेवाओं में सुधार की जानकारी दी।

प्रमुख उपलब्धियां और परिणाम

इस अभियान के तहत अब तक 53 लाख संवेदनशील व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है, जिसमें से 22,178 नए टीबी मरीजों का पता चला है। नि-क्षय पोषण योजना के माध्यम से 16 लाख लाभार्थियों को 416 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। साथ ही, अभियान के दौरान 13,066 फूड बास्केट वितरित की गई हैं, जिससे टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को बल मिला है। अंत में केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों से इस अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराने की अपील की।

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