July 1, 2026

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यूपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा रद्द, जुलाई के दूसरे सप्ताह में हो सकती है 12वीं की परीक्षा


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उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने की घोषणा

  • कहा-बगैर परीक्षा दिए 10वीं के विद्यार्थियों को 11वीं कक्षा के लिए प्रमोट किया जाएगा
  • कहा-कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में परीक्षा अवधि को डेढ़ घंटा रखा जाएगा और मात्र 3 प्रश्न का उत्तर देना होगा
  • कहा-समस्त बोर्ड के समस्त स्कूलों के कक्षा 6, 7, 8, 9 एवं 11 के छात्रों को प्रोन्नत करने का निर्णय

KC NEWS। लखनऊ

प्रदेश में कोविड-19 से उत्पन्न हुईं विषम परिस्थितियों की वजह से योगी सरकार ने यूपी बोर्ड की वर्ष 2021 की होने वाली 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी है। इस वर्ष अब बगैर परीक्षा दिए 10वीं के विद्यार्थियों को 11वीं कक्षा के लिए प्रमोट किया जाएगा। इस निर्णय से 29 लाख  94 हजार 312 बच्चे आच्छादित होंगे। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लिया। इसकी घोषणा उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने की।  उन्होंने कहा कि सरकार 10वीं के बच्चों को 11वीं कक्षा में प्रमोट करने के लिए विस्तृत दिशा निर्देश उत्तर प्रदेश मध्यमिक शिक्षा परिषद को दिए गए हैं।

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डिप्टी सीएम ने कहा कि 12वीं की परीक्षा जुलाई के दूसरे सप्ताह में कराया जाएगा, इसके लिए विस्तृत समय सारिणी जल्द ही जारी की जाएगी। पूर्व के भांति इस वर्ष भी 15 कार्य दिवसों में परीक्षा संपादित की जाएगी। छात्रों के हित में प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया गया है कि प्रश्नपत्र की अवधि को मात्र डेढ़ घंटे होगी। छात्रों को प्रश्नपत्र में दिए गए 10 प्रश्नों में किन्ही 03 प्रश्नों का उत्तर देने की स्वतंत्रता होगी। बच्चों के मध्य सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए इस वर्ष केंद्रों की संख्या में वृद्धि की गई है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा हेतु इस वर्ष 26 लाख 10 हजार 316 छात्रों का पंजीकरण हुआ है।

उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में कक्षा 6, 7 ,8 के छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नति देने का निर्णय का शासनादेश पूर्व में जारी कर दिया गया है। अब यह निर्णय लिया गया है कि यदि किसी बोर्ड विशेष का अन्यथा आदेश न हो तो प्रदेश के समस्त बोर्ड के समस्त विद्यालयों की कक्षा 6, 7, 8 के छात्रों को अगली कक्षा में सामान्य प्रोन्नति दी जाए। कक्षा 9 एवं 11 के छात्रों को उनकी वार्षिक परीक्षा के परीक्षाफल के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नति दी जाए।

कहा कि यदि किसी विद्यालय में वार्षिक परीक्षा अभी तक संपादित नहीं हो पाई है तो वह छात्र के वर्ष भर किए गए आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नति देंगे। यदि कोई आंतरिक मूल्यांकन उपलब्ध नहीं है तो सामान्य रूप से छात्र को प्रोन्नति दी जाए। यदि बोर्ड विशेष का कोई इस संबंध में आदेश होगा तो वह लागू होगा अन्यथा कक्षा 6, 7, 8, 9 एवं 11 की उक्त वर्णित व्यवस्था, प्रदेश के समस्त बोर्ड के समस्त विद्यालयों पर लागू होगी। आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

डिप्टी सीएम ने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक को इसके नियमित अनुश्रवण एवं अनुपालन का दायित्व सौंपा गया है। यदि कोई विद्यालय इन निर्देशों का पालन नहीं करेगा तो अभिभावक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित नियामक समिति के समक्ष शिकायत कर सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, प्रदेशवासियों को एक आदर्श एवं उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था देने के लिए कटिबद्ध एवं निरंतर प्रयासरत है।

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