July 1, 2026

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आठवें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों की आमदनी में बड़ा उछाल संभव

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  • फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी से कर्मचारियों की बेसिक सैलरी लगभग दोगुनी हो सकती है

Khabari Chiraiya Desk: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों के लिए वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव अब दूर नहीं है। सरकार आठवें वेतन आयोग पर तेज़ी से काम कर रही है और आयोग की रिपोर्ट वर्ष दो हजार सत्ताईस में सौंपी जा सकती है। यह बदलाव एक जनवरी दो हजार छब्बीस से प्रभावी माना जा रहा है। इसी वजह से कर्मचारी यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि नया वेतन ढांचा लागू होने पर उनकी आय किस हद तक बढ़ेगी।

आयोग का नेतृत्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। प्रोफेसर पुलक घोष पार्ट टाइम सदस्य हैं और पंकज जैन को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर विशेष रूप से एसएससी के माध्यम से नियुक्त लेवल एक वर्ग के कर्मचारियों पर सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि इन्हीं पदों की संख्या केंद्रीय सेवाओं में सबसे अधिक है।

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वर्तमान व्यवस्था के अनुसार लेवल एक कर्मचारियों की बेसिक पे अठारह हजार रुपये प्रति माह है। इस पर महंगाई भत्ता, एचआरए, ट्रैवल अलाउंस और अन्य भत्ते जुड़ते हैं। लेकिन वेतन आयोग की सबसे बड़ी कुंजी फिटमेंट फैक्टर में बदलाव होता है। सातवें वेतन आयोग में यह संख्या दो दशमलव पाँच सात थी, जबकि आठवें वेतन आयोग के लिए प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर एक दशमलव बानवे बताया जा रहा है।

इस नए फैक्टर के लागू होने पर अठारह हजार रुपये की बेसिक पे बढ़कर लगभग चौंतीस हजार पाँच सौ साठ रुपये हो जाएगी। यह वृद्धि केवल बेसिक वेतन की है। इसके ऊपर भत्तों की पुनर्गणना की जाएगी। वेतन आयोग लागू होने के साथ ही महंगाई भत्ता फिर से शून्य से शुरू होगा, जिसे वर्ष में दो बार बढ़ाया जाएगा। वहीं एचआरए और टीए नए नियमों के अनुसार संशोधित होंगे।

सूत्रों की मानें तो लेवल एक कर्मचारियों की कुल सैलरी में पंद्रह से पच्चीस प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है। यह बढ़ोतरी महंगाई भत्ते के मर्जर, नए फिटमेंट फैक्टर और पुनर्गणित भत्तों पर निर्भर करेगी।

समग्र तौर पर देखें तो आठवें वेतन आयोग के लागू होने से कर्मचारियों की न्यूनतम आय में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें आने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो सरकारी कर्मचारी वर्ग की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव ला सकती है।

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