June 26, 2026

खबरी चिरईया

नजर हर खबर पर

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री ने टी-20 विश्व कप विजेता दृष्टिबाधित महिला टीम से की मुलाकात

Advertisements
Panchayat Voice
Advertisements
Panchayat Voice
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, संघर्षों को हराकर मिली यह जीत न सिर्फ खेल की सफलता है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है

Khabari Chiraiya Desk: जब किसी टीम की जीत सिर्फ क्रिकेट के मैदान तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे देश की आत्मा को छू ले तो समझ लेना चाहिए कि यह जीत प्रतिभा से ज्यादा, हौसले और विश्वास की होती है। विश्व विजेता बनी भारतीय दृष्टिबाधित महिला टीम की यही चमक प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर तब महसूस हुई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे खुलकर बातचीत की। यह मुलाकात सिर्फ सम्मान का क्षण नहीं थी, बल्कि उस संकल्प का जश्न थी, जिसने इस टीम को दुनिया के शीर्ष पर पहुंचाया।

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन, मेहनत और उनके संघर्षों पर विजय पाने के साहस को खुले मन से सराहा। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी कड़ी मेहनत के दम पर आगे बढ़ते हैं, वे न केवल मैदान में बल्कि जीवन के हर मोर्चे पर सफल होते हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस टीम ने न सिर्फ ट्रॉफी जीती है, बल्कि अपने आत्मविश्वास, अनुशासन और जज़्बे से पूरे देश का दिल जीता है।

Advertisements
Panchayat Voice

खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने वंदे मातरम के 150 वर्षों पर भी चर्चा की और बताया कि टीम की एकजुटता में उन्हें वही राष्ट्रीय भावना दिखाई देती है, जो देश के एकता के मूल्यों को मजबूत करती है। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने टीम की एक खिलाड़ी की संगीत प्रतिभा की भी सराहना की। वह खिलाड़ी भक्ति गीत गाती हैं और प्रधानमंत्री ने इसे काशी से जुड़ी सांस्कृतिक स्मृतियों के रूप में याद किया।

बातचीत का माहौल हल्का-फुल्का भी रहा। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए टीम की बहुमुखी प्रतिभाओं की तुलना राजनीति से की और कहा कि जैसे राजनीति में लोग मंत्री, सांसद और विधायक जैसे कई किरदार निभाते हैं, वैसे ही खिलाड़ी भी हरफनमौला होते हैं और किसी भी स्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ देने का हुनर रखते हैं।

टीम की खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री के सामने अपने संघर्षों और चुनौतियों को भी साझा किया। कई खिलाड़ियों ने सामाजिक पूर्वाग्रहों, पारिवारिक समस्याओं और आर्थिक कठिनाइयों के बीच अपने सफर की कहानी सुनाई। एक खिलाड़ी ने भावुक होते हुए अपने दिवंगत पिता को याद किया और कहा कि वह उन्हें सफल होते देखना चाहते थे। प्रधानमंत्री से मिलना उनके पिता के सपने की पूर्ति जैसा लगा।

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की बातों को ध्यान से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी सफलता न केवल दृष्टिबाधित नागरिकों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि यह टीम दिखाती है कि दृढ़ता और साहस के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। प्रधानमंत्री ने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि भारत के युवा, विशेषकर दिव्यांगजन, आज दुनिया के सामने नई पहचान स्थापित कर रहे हैं।

बातचीत के अंत में प्रधानमंत्री ने पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनके समर्पण, अनुशासन और उत्साह ने लाखों युवाओं को प्रेरित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह टीम आने वाले दिनों में भी विश्व स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को और ऊंचा उठाएगी।

यह भी पढ़ें… कानपुर : रामादेवी फ्लाईओवर पर स्लीपर बस में लगी आग परिवहन व्यवस्था पर बड़ा सवाल…

यह भी पढ़ें… बिहार : आज महिलाओं की मुट्ठी में आई नई ताकत

यह भी पढ़ें… पिछड़ों ने भुला दिया विश्वनाथ प्रताप सिंह को

यह भी पढ़ें… प्रदूषण की गिरफ्त में कराहती दिल्ली, यहां रहना मजबूरी और बचना चुनौती

आगे की खबरों के लिए आप हमारी वेबसाइट पर बने रहें…

error: Content is protected !!