June 29, 2026

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“वोकल फॉर लोकल”…एक स्टेशन एक उत्पाद योजना, समस्तीपुर रेल मंडल के 102 स्टेशन नामित, जानें कैसे मिलेगी इंट्री और लाभ

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यदि आप कारीगर, बुनकर, शिल्पकार, स्थानीय प्रोसेस्ड, सेमी प्रोसेस्ड खाद्य उत्पादक विक्रेता हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। भारत सरकार (Indian government) के “वोकल फॉर लोकल” (one station one product plan) विजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने एक स्टेशन एक उत्पाद योजना शुरू किया है। रलवे इसके तहत स्थानीय एवं देशी उत्पादों को बाजार मुहैया कराएगा, ताकि उत्पादक अपने उत्पादों का प्रचार-प्रसार कर अपने लिए आय का मौका बना पाएं।

खबर बिहार से है और खबर के मुताबिक भारतीय रेलवे (Indian Railways) की इस योजना के तहत समस्तीपुर रेल मंडल के 102 स्टेशनों पर विभिन्न प्रकार के उत्पाद को प्रदर्शित करने और प्रोडक्ट को बेचने के लिए नामित किया गया है। इक्छुक कारीगर, बुनकर, शिल्पकार, स्थानीय प्रोसेस्ड, सेमी प्रोसेस्ड खाद्य उत्पादक विक्रेता अपने नजदीकी रेलवे स्टेशन प्रसाशन को अपना आवेदन प्रस्तुत कर अपना काउंटर या स्टॉल बुक करा सकते हैं सकते हैं। उत्पाद की जानकारी के लिए नजदीकी स्टेशन मेनेजर या स्टेशन मास्टर से संपर्क किया जा सकता है या दूरभाष संख्या 8102918776 पर भी संपर्क किए जा सकते हैं।

भारतीय रेलवे (Indian Railways) चयनित स्थानीय उत्पादकों एवं शिल्पकारों को रेलवे प्लेटफॉर्म पर मात्र 1000 रुपए की पंजीयन शुल्क भुगतान पर 15 दिनों के लिए एक स्टॉल या कियोस्क मुहैया कराएगी। जहां से उत्पादक अपना उत्पाद प्रदर्शित कर विक्रय कर सकते हैं। एक आवंटित स्टाल पर अधिकतम 2 सेल्समेन रखने की भी इजाजत होगी। उद्देश्य यही है कि इस योजना का लाभ लेकर स्थानीय एवं देशी उत्पादों के उत्पादक अपने उत्पादों का प्रचार-प्रसार कर अपने लिए आय का अतिरिक्त मौका बना पाएं।

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जानें क्या है इस योजना का प्रमुख उद्देश्य

  • स्थानीय एवं देशी उत्पादों को बाज़ार मुहैया करवाना
  • रेलवे के यात्रियों को भारत के समृद्ध विरासत का अनुभव प्राप्त करने तथा स्थानीय उत्पादों को खरीदने का मौका प्रदान करना
  • स्थानीय उत्पादकों एवं शिल्पकारों की आय बढानें हेतु अतिरिक्त अवसर बनाना

जानें एक स्टेशन एक उत्पाद योजना में कौन ले सकते हैं भाग

  • वैसे कारीगर/बुनकर/शिल्पकार जिनके पास विकास आयुक्त हस्तशिल्प/विकास आयुक्त (हथकरघा) या अन्य केंद्र/राज्य सरकार प्राधिकार द्वारा जारी पहचान पत्र हो
  • TRIFED/NHDC/KVIC द्वारा पंजीकृत कारीगर, बुनकर, शिल्पकार
  • PMEGP से पंजीकृत स्वयं सहायता समूह
  • समाज के अत्यंत कमजोर वर्ग

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