June 29, 2026

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समाजिक रूप से कमजोर तबकों के बच्चों को बोर्डिंग स्कूल की तर्ज पर शिक्षा देने वाला सिस्टम कमजोर

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मामला समाज कल्याण की महत्वपूर्ण योजना के तहत संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज मेहरौना का, खामियों के प्रत्यक्ष गवाह बने डीएम ने प्रभारी प्रधानाचार्य के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति का पत्र शासन को भेजने का दिया निर्देश  

यूपी)। समाज कल्याण की महत्वपूर्ण योजना के तहत संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज, मेहरौना का देवरिया डीएम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम खुद कई खामियों के पत्यक्ष गवाह बने सबसे बड़ी बात तो यह कि इस विद्यालय में समाजिक रूप से कमजोर तबकों के बच्चों को बोर्डिंग स्कूल की तर्ज पर शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। यहां 60 प्रतिशत सीट अनुसूचित जाति/जनजाति, 25 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग व 15 प्रतिशत सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है।

इस विद्यालय में 14 क्लास रूम और 3 लैब हैं। यहां कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है। यहां छात्रों को निःशुल्क छात्रावास, भोजन एवं ड्रेस उपलब्ध कराया जाता है। यहां एक नहीं कई अनियमितताएं और कमजोर सिस्टम को देख डीएम साहब खुद भी सोच में पड़ गए। फिलहाल डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रभारी प्रधानाचार्य के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति का पत्र शासन को भेजने का निर्देश दिया गया है।

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डीएम ने बताया कि इस विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य सूर्यकांत राय का व्यवहार और आरचरण आब्जेक्शनेबल है। कहा प्रींसिपल ने अपने भांजे का एडमिशन कराकर उसे हॉस्टल में रखने की बजाए अपने से साथ अपने कमरे में रखे हुए हैं। जब प्रींसिपल ही ऐसा करेंगे तो सिस्टम का पालन कैसे होगा। कहा विद्यालय के समस्त छात्र छात्रावास में ही निवास करेंगे। हॉस्टल के बाहर किसी छात्र का रहना छात्रावास की व्यवस्था संदेह उत्पन्न करता है।

जांच में विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति भी कटघरे में खड़ी हो गई। पंजिका में कक्षा 8 में 32 लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई थी पर 15 ही छात्र कक्षा में मिले, डीएम ने इन छात्रों से संवाद किया। विद्यालय में 489 क्षमता के सापेक्ष 289 छात्रों का ही पंजीकरण है। विद्यालय में बच्चों के पीने के पानी का भी सिस्टम खराब मिला। बच्चे पुराने जमाने के चापाकल से पानी पी रहे थे। जब इस पर डीएम ने पीने के पानी का सिस्टम पूछा तो पता चला वाटर कूलर तथा इंडिया मार्का हैंड पंप खराब है।

यहीं नहीं सोमवार को अपराह्न डेढ़ बजे जब डीएम मेहरौना स्थित विद्यालय पहुंचे तो परिसर में बनी नाली टूटी नजर आई। जब सवाल पूछा तो प्रभारी प्रींसिपल ने बताया कि भवन का निर्माण कार्यदायी संस्था यूपीसीडको द्वारा किया गया है। वर्ष 2016 में इसे समाज कल्याण विभाग को हैंडओवर किया गया। निर्माण के कुछ ही समय के भीतर नाली टूटने लगी। डीएम ने यूपीसीडको को पत्र लिखने का निर्देश दिया।

डीएम ने लैब का निरीक्षण किया, यहां उन्हें किसी भी तरह का उपकरण नहीं मिला। पूछने पर बताया गया कि वर्ष 2016 से ही विद्यालय के लैब में किसी भी तरह का उपकरण नहीं है। डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं प्रभारी प्रधानाचार्य से गत सात सालों के दौरान लैब में आवश्यक उपकरण मंगाए जाने के संबंध में किए गए प्रयासों की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। डीएम ने छात्रावास में सोलर पैनल लगाने का निर्देश पीओ नेडा गोविंद तिवारी को दिया। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी जैसवार लाल बहादुर सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

डीएम ने रामपुर कारखाना ब्लॉक स्थित मेहरौना में अमृत सरोवर परियोजना का भी निरीक्षण किया। 39 लाख रुपये की लागत वाली परियोजना का कार्य अपूर्ण देखकर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की और कार्य मार्च 2023 तक की निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने का निर्देश दिया। मौके पर मौजूद डीसी मनरेगा बीएस राय ने बताया कि मिट्टी की खुदाई से जुड़े विवाद के चलते कार्य आंशिक रूप से हो सका है। परियोजना के लिए स्वीकृत लागत में से लगभग डेढ़ लाख रुपये ही खर्च हुए हैं। इस दौरान बीडीओ शांति देवी सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

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