July 1, 2026

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लगातार 11वीं बार स्थिर रहा रेपो रेट, RBI के फैसले से अर्थव्यवस्था को राहत

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स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी रेट 6.25% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट 6.75% पर भी कोई बदलाव नहीं किया गया है

नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने दिसंबर की मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक के फैसलों की घोषणा करते हुए बताया कि रेपो रेट को 6.5% पर स्थिर रखा गया है। यह फरवरी 2023 से अब तक 11वीं बार है, जब इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। गवर्नर ने स्पष्ट किया कि यह फैसला महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 6.25% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट 6.75% पर भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।

महंगाई नियंत्रण प्राथमिकता में
आरबीआई ने बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुए कहा कि महंगाई को नियंत्रण में रखना उनकी शीर्ष प्राथमिकता है। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में महंगाई दर 5.7% और चौथी तिमाही में 4.6% रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह दर 4.6% और दूसरी तिमाही में 4% तक गिर सकती है। यह आंकड़े सरकार की महंगाई पर नियंत्रण पाने की दिशा में ठोस प्रगति का संकेत देते हैं।

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GDP ग्रोथ का अनुमान घटा, विकास पर निगाह
RBI ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 7.4% से घटाकर 6.8% कर दिया है। यह फैसला वैश्विक आर्थिक मंदी और बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। शक्तिकांत दास ने भरोसा दिलाया कि विकास दर में इस कमी के बावजूद, देश की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है और सुधार की संभावनाएं प्रबल हैं।

बैंकों के लिए राहत: CRR में कटौती
बैठक में बैंकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए कैश रिजर्व रेशियो (CRR) को 4.5% से घटाकर 4% कर दिया गया है। इस कटौती से बैंकिंग प्रणाली में ₹1.16 लाख करोड़ अतिरिक्त नकदी का प्रवाह होगा। यह कदम बैंकों को अधिक कर्ज देने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में सहायक होगा। दास ने कहा, “यह फैसला भारत की अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा।”

आर्थिक स्थिरता के संकेत
शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट स्थिर रखना केवल महंगाई नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने का एक रणनीतिक कदम है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता संतुलित विकास को सुनिश्चित करना है। महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक गतिविधियों का समर्थन हमारे फैसलों का मुख्य आधार है।”

सुधार की दिशा में ठोस कदम
RBI के ये फैसले न केवल देश की वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने में मदद करेंगे, बल्कि आम जनता और बैंकों को राहत देने का भी काम करेंगे। रेपो रेट को स्थिर रखते हुए CRR में कटौती जैसे कदम अर्थव्यवस्था में विकास और स्थिरता लाने के संकेत देते हैं। शक्तिकांत दास ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में महंगाई नियंत्रण और विकास दर सुधार दोनों ही दिशाओं में ठोस परिणाम देखने को मिलेंगे।

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