June 29, 2026

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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में बढ़ी सुरक्षा, कांग्रेस के सभी कार्यक्रम रद्द

नई दिल्ली : भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और देश के जाने-माने अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। गुरुवार रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। हालांकि, उनके परिवार, कांग्रेस पार्टी या AIIMS की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

डॉ. सिंह के निधन की खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, रॉबर्ट वाड्रा, आरजेडी नेता मनोज झा और पप्पू यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर उनके निधन की जानकारी साझा की और श्रद्धांजलि अर्पित की।

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डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की खबर के बाद AIIMS के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अस्पताल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और डॉ. सिंह के प्रशंसकों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। प्रियंका गांधी अस्पताल पहुंच चुकी हैं और सोनिया गांधी के भी थोड़ी देर में पहुंचने की संभावना है। अस्पताल में वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम लगातार मौजूद है।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक और कार्यक्रम रद्द

डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की खबर के बाद कर्नाटक के बेलगावी में चल रही कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा, 27 दिसंबर को आयोजित होने वाले कांग्रेस के सभी कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए गए हैं।

राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी बैठक रद्द करते हुए तुरंत दिल्ली के लिए प्रस्थान किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस घटना को पार्टी और देश के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।

डॉ. मनमोहन सिंह का राजनीतिक और शैक्षणिक सफर

26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के एक छोटे से गांव में जन्मे डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने जीवन में शिक्षा और राजनीति में अद्वितीय योगदान दिया। 1948 में पंजाब विश्वविद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने 1957 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (यूके) से अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद 1962 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डी. फिल की उपाधि अर्जित की।

डॉ. सिंह ने पंजाब विश्वविद्यालय और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अध्यापन किया और 1991 में पीवी नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री के रूप में भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी। उनके कार्यकाल में भारत में आर्थिक उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों को लागू किया गया, जिसने देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक मजबूत स्थिति दी। 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने स्थिरता और विकास को बढ़ावा दिया। उनकी सादगी और नीतिगत समझ देश के लिए एक मिसाल रही।

डॉ. सिंह का स्वास्थ्य और चिकित्सा इतिहास

डॉ. सिंह का स्वास्थ्य पहले भी कई बार गंभीर परिस्थितियों से गुजरा है। 1990 में उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी, इसके बाद 2004 में उन्हें स्टेंट डाले गए और 2009 में कार्डियक सर्जरी कराई गई, जिसमें कुल पांच बाईपास शामिल थे।

देशभर में शोक और श्रद्धांजलि

डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की खबर ने पूरे देश को गहरे शोक में डाल दिया है। उनके निधन को भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

डॉ. मनमोहन सिंह की नीतियों और उनके नेतृत्व ने देश को एक मजबूत आर्थिक और राजनीतिक मंच प्रदान किया। उनके निधन के साथ भारत ने एक दूरदर्शी नेता और सच्चे देशभक्त को खो दिया है। उनका जीवन और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

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