August 14, 2026

खबरी चिरईया

नजर हर खबर पर

भारत-जापान आर्थिक फोरम में नई ऊंचाई पर पहुंची साझेदारी

भारत-जापान आर्थिक फोरम
Advertisements
Panchayat Voice
Advertisements
Panchayat Voice
  • वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच निवेश, प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा में गहराया सहयोग

Khabari Chiraiya Desk : टोक्यो में आयोजित भारत-जापान आर्थिक फोरम ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक और व्यावसायिक संबंधों को एक नई गति दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने इस मंच से स्पष्ट संदेश दिया कि भारत-जापान की दोस्ती सिर्फ कूटनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाली साझेदारी के रूप में भी स्थापित हो रही है। अशांत वैश्विक परिदृश्य में यह सहयोग और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में राजनीतिक स्थिरता, सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता और कारोबारी सुगमता के प्रयासों ने निवेशकों को नया भरोसा दिया है। उन्होंने जापानी कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने का निमंत्रण देते हुए कहा कि भारत आने वाले वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और यह विदेशी कंपनियों के लिए अद्वितीय अवसर प्रस्तुत करता है। मोदी ने मेक इन इंडिया सहित विभिन्न पहलों की दिशा में जापान और भारत के सहयोग के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की…उन्नत विनिर्माण (बैटरी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, जहाज निर्माण, परमाणु ऊर्जा), अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी (एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष), हरित ऊर्जा, अगली पीढ़ी का इन्फ्रास्ट्रक्चर (हाई स्पीड रेल, लॉजिस्टिक्स) और कौशल विकास।

Advertisements
Panchayat Voice

वहीं जापानी प्रधानमंत्री इशिबा ने भी भारतीय प्रतिभाओं और जापानी प्रौद्योगिकी को मिलाकर मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बनाने की दिशा में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने तीन प्राथमिकताओं पर जोर दिया—जन-से-जन संबंध, हरित बाजार और उच्च प्रौद्योगिकियों में सहयोग।

बैठक के दौरान जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JETRO) के अध्यक्ष नोरिहिको इशिगुरो ने इस्पात, स्वच्छ ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में भारतीय और जापानी कंपनियों के बीच कई समझौता ज्ञापनों की घोषणा की।

भारत-जापान आर्थिक फोरम से यह संदेश साफ है कि आने वाले दशक में दोनों देशों की साझेदारी सिर्फ एशिया ही नहीं, बल्कि वैश्विक विकास की धुरी बनने की ओर बढ़ रही है।

यह भी पढ़ें…भारत-चीन रिश्तों में नया मोड़

यह भी पढ़ें…नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म मामले में सख्त सजा

यह भी पढ़ें…स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्रियों की होगी सेहत जांच

यह भी पढ़ें…राहुल-तेजस्वी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से गरमाया सियासी माहौल

यह भी पढ़ें…मां, तुम्हारे भरोसे पर नहीं उतर पाई

  आगे की खबरों के लिए आप हमारी वेबसाइट पर बने रहें…

error: Content is protected !!