June 23, 2026

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शिक्षक दिवस पर गुरुजनों को नमन, देशभर में शिक्षा और संस्कार का उत्सव

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  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर शुरू हुई यह परंपरा आज वैश्विक महत्व रखती है

Khabari Chiraiya Desk: आज पूरा देश शिक्षक दिवस की भावना में डूबा हुआ है। स्कूलों से लेकर कॉलेजों तक हर जगह कार्यक्रम हो रहे हैं और बच्चे अपने शिक्षकों के चरणों में वंदना कर रहे हैं। शिक्षक सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे वह दीपक हैं जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। उनके मार्गदर्शन के बिना जीवन की कल्पना अधूरी है। वे मंज़िल तक उड़ान भरने की दिशा दिखाते हैं। लेकिन यह भी सच है कि सैकड़ों शिक्षक आज भी समाज में उपेक्षित हैं और उन्हें उनके योगदान के अनुरूप सम्मान नहीं मिलता।

भारत में शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा 05 सितंबर से जुड़ी हुई है। यह दिन देश के दूसरे राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है। 1888 में जन्मे राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक और आस्थावान हिन्दू विचारक रहे। शिक्षा को उन्होंने जीवन का आधार माना और समाज में ज्ञान के प्रकाश को फैलाने को सबसे बड़ा कर्तव्य बताया। उनके इन्हीं योगदानों के चलते 1954 में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से अलंकृत किया। जब उनके शिष्यों ने उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा व्यक्त की तो उन्होंने विनम्रता से कहा कि इस दिन को यदि सभी शिक्षकों को समर्पित किया जाए तो यही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा। तभी से 05 सितंबर को पूरे देश में शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई।

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इस दिन विद्यालय और महाविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बच्चे अपने शिक्षकों के लिए भाषण देते हैं, निबंध और स्लोगन लिखते हैं, पेंटिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं और मंच पर शिक्षकों का अभिनय करके उनके योगदान को याद करते हैं। यह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा को जीवित रखने का उत्सव है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि शिक्षक सिर्फ पाठ्यपुस्तक का ज्ञान नहीं देते, बल्कि वे जीवन जीने की कला, संस्कार और नैतिक मूल्यों का भी संचार करते हैं।

भारत ही नहीं, विदेशों में भी शिक्षकों का सम्मान अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। यूनेस्को ने 1994 से 05 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस घोषित किया और तब से इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है। चीन में 1931 से शिक्षक दिवस की शुरुआत हुई और कई बदलावों के बाद 1985 में इसे 10 सितंबर को घोषित किया गया। रूस में भी 05 अक्टूबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। तुर्की ने इसे 24 नवंबर को अपने पहले राष्ट्रपति कमाल अतातुर्क की याद में तय किया। मलेशिया में इसे 16 मई को ‘हरि गुरु’ के नाम से मनाया जाता है। अमेरिका में मई के पहले सप्ताह के मंगलवार को शिक्षक दिवस मनाया जाता है और वहां सप्ताहभर उत्सव चलता है। थाईलैंड में 1957 में पहली बार शिक्षक दिवस मनाया गया था और इस दिन वहां स्कूलों में अवकाश रहता है। ईरान में इसे 02 मई को प्रोफेसर अयातुल्लाह मोर्तेजा मोतेहारी की याद में मनाया जाता है।

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