आज करवा चौथ की रात, चांद संग सजेंगे रिश्तों के रंग
- पति की लंबी उम्र की कामना के साथ छलनी से देखे जाएंगे चांद और जीवनसाथी। हर घर में सौभाग्य और श्रद्धा की रौशनी बिखरेगी
Khabari Chiraiya Desk : आज पूरे देश में सुहागिनों का सबसे पवित्र व्रत ‘करवा चौथ’ श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए सूर्योदय से लेकर चंद्रमा उदय तक निर्जला उपवास रखती हैं। माना जाता है कि यह व्रत वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और अटूट प्रेम का प्रतीक है।
करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर सरगी ग्रहण करती हैं, जिसे उनकी सास द्वारा दिया जाता है। इसके बाद दिनभर जल तक नहीं पीतीं। शाम के समय महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक परिधान धारण करती हैं और करवे में जल भरकर चंद्रमा की पूजा करती हैं। जब चांद निकलता है, तब वे छलनी से उसके दर्शन कर अपने पति को देखती हैं और फिर पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत तोड़ती हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, सामूहिक रूप से की गई पूजा अधिक फलदायी होती है। कहा जाता है कि समूह में पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस बार चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर आज की शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। पूजन के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।
करवा चौथ का यह व्रत भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के अटूट बंधन और समर्पण का प्रतीक है, जो हर वर्ष प्रेम और आस्था की नई रोशनी जगाता है।
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