June 26, 2026

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INS विक्रांत पर गूंजे जयघोष, जवानों के संग प्रधानमंत्री मोदी ने मनाई दिवाली

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  • ऑपरेशन सिंदूर की वीरगाथा को याद करते हुए कहा, भारत की सेनाओं का साहस हर चुनौती से बड़ा है

Khabari Chiraiya Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष भी अपनी परंपरा को जारी रखते हुए देश के रक्षकों के बीच दिवाली का पर्व मनाया। रविवार शाम वह गोवा और कारवार तट पर तैनात भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर पहुंचे, जहां उन्होंने नौसैनिकों के साथ दीपावली मनाई और सोमवार सुबह उन्हें संबोधित किया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “हर साल मैं दिवाली अपने परिवार के साथ मनाता हूं और आज मैं अपने परिवार के बीच ही हूं। आप सब मेरे परिवार के सदस्य हैं।” उन्होंने कहा कि वीर जवानों के बीच दिवाली मनाना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि INS विक्रांत केवल एक युद्धपोत नहीं, बल्कि 21वीं सदी के भारत के परिश्रम, प्रतिभा और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह जहाज भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता का जीवंत उदाहरण है।
उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारतीय नौसेना ने हाल के वर्षों में आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति की है। वर्ष 2014 से अब तक देश के शिपयार्ड्स ने 40 से अधिक युद्धपोत और पनडुब्बियां तैयार की हैं, जो भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बना रही हैं।

प्रधानमंत्री ने नौसैनिकों को संबोधित करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया, जिसमें भारत की तीनों सेनाओं ने असाधारण समन्वय का परिचय दिया था। उन्होंने कहा कि अरब सागर में तैनात INS विक्रांत ने उस अभियान में पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था।
मोदी ने बताया कि 7 मई को शुरू हुए इस अभियान में भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान के भीतर मौजूद कई आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। चार दिन चले इस अभियान के बाद पाकिस्तान को सीजफायर की गुहार लगानी पड़ी थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भर राष्ट्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल अब न केवल भारत की शक्ति का प्रतीक है बल्कि कई देशों के लिए आकर्षण का केंद्र भी है। कुछ लोगों के मन में ब्रह्मोस का नाम सुनते ही डर पैदा होता है, जबकि दुनिया के कई देश इसे खरीदने की इच्छा जता रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने नौसैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की शक्ति, शौर्य और स्वाभिमान के पीछे हमारे सैनिकों की त्याग भावना ही असली आधार है। उन्होंने कहा कि जब देशवासी अपने घरों में दीप जलाते हैं तो सीमाओं और समंदरों पर जवान अपनी ड्यूटी की लौ जलाए रखते हैं।
मोदी ने कहा कि INS विक्रांत पर यह दिवाली भारत की वीरता, आत्मनिर्भरता और सामर्थ्य का प्रतीक बन गई है और आने वाले वर्षों में यही भावना भारत को विश्व रक्षा मंच पर शीर्ष पर पहुंचाएगी।

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