June 30, 2026

खबरी चिरईया

नजर हर खबर पर

मलेशिया में निवेश संवाद से मजबूत हुए भारत के कारोबारी रिश्ते

Malaysia
Advertisements
Panchayat Voice
Advertisements
Panchayat Voice
  • कुआला लंपुर में उद्योग जगत के दिग्गजों संग प्रधानमंत्री की मुलाकात, इंफ्रास्ट्रक्चर से सेमीकंडक्टर तक निवेश की नई संभावनाओं पर जोर

Khabari Chiraiya Desk : नई दिल्ली से लेकर कुआला लंपुर तक भारत की विकास गाथा की गूंज सुनाई दे रही है। मलेशिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने वहां के चार प्रमुख उद्योगपतियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई दिशा देने की कोशिश की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक निवेश का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों के साथ आर्थिक संबंध तेजी से गहराते जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने पेट्रोनास के अध्यक्ष और समूह सीईओ तन श्री तेंग्कू मुहम्मद तौफिक, बरजाया कॉर्पोरेशन बरहाद के संस्थापक तन श्री दातो सेरी विंसेंट तन ची यिउन, खज़ानाह नेशनल बरहाद के प्रबंध निदेशक दातो अमीरुल फैसल वान ज़ाहिर और फ़िसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक दातो पुआ खेन सेंग से विस्तार से बातचीत की। इस दौरान भारत और मलेशिया के बीच व्यापार से व्यापार संबंधों को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

Advertisements
Panchayat Voice

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत ने व्यापार सुगमता, नीति स्थिरता और निवेश-अनुकूल वातावरण के लिए व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने मलेशियाई कंपनियों को अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर निर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य सेवा जैसे उभरते क्षेत्रों में अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।

उन्होंने 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम की भी सराहना की और उम्मीद जताई कि इस मंच से दोनों देशों के बीच निवेश और सहयोग के नए अध्याय खुलेंगे।

बैठक के दौरान मलेशियाई उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भारत में हो रहे आर्थिक सुधारों और औद्योगिक विस्तार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में उन्हें दीर्घकालिक अवसर दिखाई देते हैं और वे अपने निवेश पोर्टफोलियो का विस्तार करना चाहते हैं। संयुक्त उद्यमों और तकनीकी सहयोग के माध्यम से भारत में अपनी व्यावसायिक उपस्थिति मजबूत करने की इच्छा भी उन्होंने व्यक्त की।

यह बैठक केवल औपचारिक वार्ता भर नहीं थी, बल्कि भारत-मलेशिया संबंधों को रणनीतिक आर्थिक साझेदारी की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकेत भी थी। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में हो रहे बदलावों के बीच दोनों देशों का यह सहयोग एशियाई क्षेत्र में आर्थिक संतुलन को और सुदृढ़ कर सकता है।

यह भी पढ़ें… निजी अंतरिक्ष दौड़ में भारत की नई छलांग

यह भी पढ़ें… बिहार में दुग्ध क्रांति का नया अध्याय

यह भी पढ़ें… यूपी में करंट की चपेट में गई एक और मजदूर की जान

आगे की खबरों के लिए आप हमारी वेबसाइट पर बने रहें...

error: Content is protected !!