June 29, 2026

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मौनी अमावस्या पर महाकुम्भ में दिखेगा श्रद्धा और सुरक्षा का संगम

मौनी अमावस्या
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मौनी अमावस्या का प्रारंभ आज शाम 7:35 बजे से शुरू हुआ और इसका समापन 29 जनवरी को शाम 6:05 बजे होगा

Khabari Chiraiya Desk प्रयागराज : मौनी अमावस्या ने प्रयागराज को श्रद्धा के महासमुद्र में बदल दिया है। करोड़ों श्रद्धालुओं के कदम संगम की ओर बढ़ रहे हैं, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन भक्तों को आत्मशुद्धि का अनूठा अनुभव दे रहा है। इस अभूतपूर्व जनसैलाब को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासन ने हर संभव प्रयास किया है। मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक, हर पहलू को बारीकी से योजनाबद्ध किया गया है। इस बार का कुम्भ केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं और अनुशासन का भी मिसाल बन रहा है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चौकस प्रशासन

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श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मेला प्रशासन ने 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जो श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान कर रहे हैं। बैरिकेडिंग और पांटून पुलों पर खास निगरानी रखी जा रही है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महाकुम्भनगर राजेश द्विवेदी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत सहायता लें।

सतर्कता और सहयोग का संदेश

प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं को सजग रहने और किसी भी अफवाह में न फंसने की सलाह दी है। सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी भ्रामक जानकारी को सच मानने से बचने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि घाटों पर व्यवस्था बनाए रखना सभी का दायित्व है। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे अपनी लेन में बने रहें और स्नान के बाद सीधे अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें।

स्वच्छता और पर्यावरण का रखें ध्यान

प्रयागराज में इस बार स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता दिखाई दे रही है। श्रद्धालुओं से जूट, कागज और इको-फ्रेंडली बर्तनों का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। प्लास्टिक के बर्तनों और पन्नियों के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है।

भीड़ प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं के पुख्ता इंतजाम

गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के मार्ग को अलग-अलग लेनों में बांटा गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। प्रत्येक सेक्टर में अस्थायी अस्पताल और डॉक्टरों की टीमें चौबीस घंटे उपलब्ध हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए श्रद्धालु नजदीकी सेक्टर अस्पताल में पहुंच सकते हैं।

संयम और श्रद्धा का अद्वितीय संगम

महाकुम्भ का यह मौनी अमावस्या स्नान एक अद्वितीय आयोजन बन गया है। श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ-साथ प्रशासन के साथ भी कदमताल करते नजर आ रहे हैं। संगम तट पर हर कोई अनुशासन और संयम का परिचय दे रहा है, जिससे यह आयोजन और भी यादगार बन रहा है। प्रशासन ने यह विश्वास जताया है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से यह स्नान पर्व सुरक्षित और सुखद तरीके से सम्पन्न होगा।

मौनी अमावस्या बुधवार को

इस वर्ष 29 जनवरी बुधवार को मनाई जाएगी मौनी अमावस्या। अमावस्या का प्रारंभ 28 जनवरी को शाम 7:35 बजे होगा और इसका समापन 29 जनवरी को शाम 6:05 बजे होगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान, मौन व्रत, दान-पुण्य और पितरों का तर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और शिव की पूजा का विशेष महत्व है।

यदि आप इस दिन उपवास रख सकते हैं, तो यह भी लाभकारी होता है। स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें। इससे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

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